डायबिटीज़ में साबूदाना: खाएं या बचें? जानें ग्लाइसेमिक इंडेक्स और एक्सपर्ट राय

WhatsApp Image 2026 03 27 at 2.12.06 PM

साबूदाना व्रत और फलाहार का एक लोकप्रिय विकल्प है। इसकी खिचड़ी, वड़ा, खीर और पापड़ लोगों को खूब पसंद आते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या डायबिटीज़ के मरीज साबूदाना खा सकते हैं। कई बार लोग इसे चावल की तरह नहीं मानते और इसका सेवन करते समय इसकी उच्च कार्बोहाइड्रेट सामग्री पर ध्यान नहीं देते। डॉक्टर आलोक जोशी, मैक्स हॉस्पिटल, शालीमार बाग के सीनियर डायरेक्टर, डायबिटीज़ एंड मेटाबॉलिक डिज़ीज़ के अनुसार साबूदाना का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) काफी हाई होता है, लगभग 70–85। इसका अर्थ यह है कि यह तेजी से ब्लड शुगर बढ़ा सकता है। डायबिटीज़ के मरीजों के लिए इसका अधिक सेवन जोखिम भरा हो सकता है।

ये भी पढ़ें

101 हिंदू और बौद्ध भिक्षुओं के शंखनाद के साथ बालेन ने ली प्रधानमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ

 

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

साबूदाना मुख्य रूप से स्टार्च से भरपूर होता है और इसमें फाइबर या प्रोटीन कम होता है। डायबिटीज़ में इसका सेवन ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है और लंबे समय तक पेट भरा नहीं रहता। बार-बार भूख लगने का खतरा भी बढ़ जाता है। लेकिन अगर आप साबूदाना पूरी तरह से त्याग नहीं करना चाहते, तो कुछ सावधानियां अपनाई जा सकती हैं। सबसे पहले, सीमित मात्रा में ही खाएं। प्रोटीन के साथ मिलाकर सेवन करें, जैसे मूंगफली, दही या पनीर। फाइबर के लिए हरी सब्जियों के साथ खिचड़ी बनाना फायदेमंद रहेगा। खाली पेट इसे न खाएं, क्योंकि इससे शुगर स्पाइक का खतरा अधिक होता है।

ये भी पढ़ें

सुबह चेहरा सूजा हुआ दिखता है? किडनी की बीमारी का हो सकता है शुरुआती संकेत

 

साबूदाना विशेष रूप से व्रत में खाने के दौरान सावधानी मांगता है। व्रत के दिन लोग अधिक मात्रा में साबूदाना खा लेते हैं, जिससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ सकता है। जिन लोगों की शुगर पहले से अनियंत्रित है, जो इंसुलिन या दवाइयों पर हैं, या जिनका वजन अधिक है, उन्हें साबूदाना बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। साबूदाना स्वादिष्ट जरूर है, लेकिन डायबिटीज़ के मरीजों के लिए इसे संतुलित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह के साथ ही डाइट में शामिल करना सबसे सुरक्षित उपाय है।

Spread the love

Health

कम उम्र में क्यों बढ़ रहे हैं स्ट्रोक के मामले? न्यूरोलॉजिस्ट ने बताई बड़ी वजह

Stroke at a young age :  कुछ साल पहले 35-40 साल की उम्र में किसी व्यक्ति को स्ट्रोक होने की खबर पूरे परिवार के लिए चौंकाने वाली होती थी। लेकिन अब कम उम्र में स्ट्रोक के मामले पहले की तुलना में ज्यादा सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसके पीछे बदलती जीवनशैली, हाई ब्लड […]

Spread the love
Read More
Harmful effects of cracking knuckles
Health

उंगलियां चटकाना बीमारी नहीं, ज्यादा जोर से चटकाने पर हो सकता है नुकसान

Harmful effects of cracking knuckles : अक्सर लोग खाली बैठे या तनाव के दौरान अपनी उंगलियां चटकाते हैं। कई लोगों को इससे एक अलग तरह का सुकून महसूस होता है, जबकि कुछ लोग इसे सिर्फ आदत मानते हैं। हालांकि, लंबे समय से यह धारणा चली आ रही है कि बार-बार उंगलियां चटकाने से आगे चलकर […]

Spread the love
Read More
Identifying foreign garlic
Health Lifestyle

आपकी रसोई में तो नहीं पहुंच रहा विदेशी लहसुन? खरीदते समय इन बातों से करें पहचान

Identifying foreign garlic :  भारतीय रसोई में लहसुन का इस्तेमाल लगभग हर घर में होता है। सब्जी, दाल और कई तरह के व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने वाला लहसुन बाजार में अलग-अलग किस्मों और आकार में मिलता है। इसी बीच बाजार में विदेशी, खासकर कथित चाइनीज लहसुन की मौजूदगी को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही […]

Spread the love
Read More