Litreture

39a246e6 652d 4f1b a64e 84866e10c7a2
Litreture

ब्रह्मऋषि विश्वामित्र : त्रिवेणी कला संगम में भव्य नाट्य मंचन

नई दिल्ली। भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और मानवीय मूल्यों की गहराई को रंगमंच के माध्यम से प्रस्तुत करने की दिशा में आर्ट्स न्यू वे ऑर्गेनाइजेशन एक भव्य नाट्य प्रस्तुति ‘ब्रह्मऋषि विश्वामित्र’ लेकर आ रहा है।दिल्ली के प्रतिष्ठित त्रिवेणी कला संगम के ओपन थिएटर में आयोजित यह नाटक एक ऐसे असाधारण चरित्र की कथा है, जिसने राजसी […]

Read More
Untitled 7 copy 11
Analysis Central UP Litreture Politics

तिरछी नज़र: तवायफ़ी सीजफायर, नमाज़ बख्शवाने निकली थी, रोज़े गले पड़े

(एक लघुकथा बकलम मीर मुंशी जी) लखनऊ में नवाब नसीरुद्दीन हैदर का ज़माना चल रहा था। तवायफ़ी, कबूतरबाज़ी, मुर्ग़बाज़ी आदि अपनी चरम पे थी। लखनऊ की हवा में एक अज़ब सी रवानगी थी। इन्ही दिनों लखनऊ में दो रईस नवाब सलमान अली और नवाब शाहरुख ख़ान के बड़े चर्चे थे। दोनों ही बड़े रईस शौकीन […]

Read More
Untitled 3 copy
homeslider Litreture

लाईलाज बीमारी: बेरोजगारी पर करारा प्रहार

बदलते समय के साथ जहां एक ओर विकास और समृद्धि के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बेरोजगारी और आर्थिक असमानता समाज के बड़े हिस्से के लिए एक गंभीर संकट बनती जा रही है। प्रस्तुत रचना इसी विडंबना को उजागर करती है-जहां कुछ वर्ग ऐश्वर्य में डूबा है, वहीं गरीब तबका रोटी और […]

Read More
Untitled 5 copy 27
Analysis homeslider Litreture

ग्रीष्म की अंगड़ाई: धूप के पांव से बदला मौसम का मिजाज

संतकबीरनगर/खलीलाबाद। मौसम ने अब करवट ले ली है। बसंत की विदाई के साथ ही ग्रीष्म ने अपनी अंगड़ाई भर ली है और धूप के तेज होते तेवर जीवन में तपिश का एहसास कराने लगे हैं। सुबह-शाम की हल्की ठंडक अब भी बनी हुई है, लेकिन दिन की धूप साफ संकेत दे रही है कि गर्मी […]

Read More
Untitled 1 copy 23
homeslider Litreture

अधि, अधिक, अधिपति, आत्मा और अध्यात्म : भाषा की पाठशाला

व्याकरण की दृष्टि से ‘अध्यात्म’ शब्द बना है— अधि + आत्मन् से। इस शब्द को समझने के लिए पहले ‘अधि’ उपसर्ग को समझना आवश्यक है। संस्कृत में ‘अधि’ एक महत्त्वपूर्ण उपसर्ग है। कोशों में इसके अर्थ बताए गए हैं-ऊर्ध्व, ऊपर, पर, अधिक, प्रधान, स्वामी, किसी वस्तु के ऊपर स्थित या उसके संबंध में। विदित है […]

Read More
PTI02 24 2026 000317B 2026 02 24c08b82a32f158ff5bbffdb34bbdd1d scaled 1
Litreture National

मजबूत कूटनीति किसी भी सैन्य शक्ति से कम नहीं होती

  शाश्वत तिवारी पश्चिम एशिया के उथल-पुथल भरे भू-राजनीतिक परिदृश्य में जब युद्ध, प्रतिबंध और समुद्री असुरक्षा का वातावरण बन रहा है, तब भारत ने एक बार फिर अपनी परिपक्व कूटनीति और संतुलित विदेश नीति का परिचय दिया है। विश्व के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक Strait of Hormuz में भारत के जहाजों […]

Read More
Poem NayaLook
Litreture

बहुत गहरी और सच्ची कविता

धीरे धीरे मैने जीवन जान लिया। रंग बदलती दुनियां को पहचान लिया।। सत्ता बदली शासन बदली… बदल गए इंसान। जिसको देव समझ बैठा था वे निकले हैवान।। घोर निराशा हुई मगर पहचान लिया। सब कुछ मेरा भ्रम था मैने जान लिया।। साधु वेष धारण कर रावण आया था। जनक नंदिनी ने भी धोखा खाया था।। […]

Read More
Untitled 6 copy 9
homeslider Litreture

युवा दिवस- विवेकानंद की स्मृति में पर विशेष

युवा दिवस पर, शक्ति उपासक राम कृष्ण के प्यारे शिष्य। अभिनंदन करते विवेक को धर्म सनातन किया प्रतिष्ठ।। सब धर्मो से कही श्रेष्ठ है मानवता का हो सम्मान। करुणा दया मैत्री मुदिता भाव हृदय से बढ़ता मान।। धन्य विवेकानंद युवाओंं के तुम सदा प्रेरणा श्रोत। अभिनंदन करते है हम सब है भारतीय ध्वज किया उदोत।। […]

Read More
Untitled 12 copy 16
Litreture

जयंती विशेषांक : भाषा, संस्कृति और भारतीय बौद्धिक परंपरा के अप्रतिम आचार्य

वरुण कुमार भारतीय भाषाविज्ञान के इतिहास में आचार्य रघुवीर का नाम उस विद्वान परंपरा का प्रतिनिधि है, जिसने भाषा को केवल व्याकरण या शब्द-संरचना तक सीमित नहीं माना, बल्कि उसे सभ्यता, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना का जीवंत आधार समझा। उनकी जयंती पर उन्हें स्मरण करना, वस्तुतः भारतीय भाषाओं की आत्मा और स्वदेशी ज्ञान-परंपरा को पुनः […]

Read More
Untitled 2 copy 32
homeslider Litreture

अंधी-दौड़ : उपन्यास

अंधी दौड़ उपन्यासकार सूर्य नारायण शुक्ल का पांचवां उपन्यास है। भौतिकी के प्रवक्ता पद से अवकाश ग्रहण के पश्चात अपने लिखे उपन्यासों का प्रकाशन निश्चय ही एक साहस का‌ काम है। मौजूदा ‘लिव इन रिलेशन’ मे रहने वाले युवक और युवतियों की यथार्थ स्थिति का यह एक जीवन्त उदाहरण है। लेखक ने न केवल वासना […]

Read More