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Jagdalpur
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माता सीता से जुड़ी है कमरछठ की यह मान्यता, देवधान के चावल से तैयार हुआ था प्रसाद

Jagdalpur: छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और लोक मान्यताओं के लिए जाना जाता है। इसी बस्तर को प्राचीन काल में दंडकारण्य के नाम से जोड़ा जाता है। कमरछठ यानी हलषष्ठी पर्व से जुड़ी एक लोक मान्यता के अनुसार, वनवास के दौरान माता सीता ने इसी दंडकारण्य क्षेत्र में अपने देवर लक्ष्मण […]

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बस्तर का एक मात्र दुर्लभ धारालिंग दंतेवाड़ा में

शंखनी किनारे पड़े धारालिंग में बने हैं 16 कोण डेढ़ हजार साल पुराना है बस्तर का एकमात्र धारालिंग हेमंत कश्यप/जगदलपुर Hemant Kashyap/Jagdalpur : बस्तर संभाग का एकमात्र धारालिंग दंतेवाड़ा में शंखनी नदी के किनारे डेढ़ हजार साल से मौजूद है। इस विलक्षण धारालिंग में 16 कोण बने हुए हैं, इसलिए इस तरह के शिवलिंग को […]

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Racism
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दूक से रैंप तक, बस्तर की बेटियों ने बदल दी नक्सलवाद की तस्वीर

Racism बस्तर की धरती पर सबसे बड़ी खबर अब यह नहीं है कि कितनी बंदूकें बरामद हुईं, कितने नक्सली मारे गए या कितनों ने आत्मसमर्पण किया। असली खबर वह तस्वीर है, जिसमें कभी जंगलों में हथियार लेकर चलने वाली महिलाएं रायपुर के मंच पर कोसा सिल्क पहनकर रैंप पर उतरती हैं। 7 अगस्त को राष्ट्रीय […]

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Shiva temple
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Bastar’s ancient Shiva temple : एक हजार से बाण सागर शिवालय में हो रही पूजा

Bastar’s ancient Shiva temple: करीब 1000 साल पहले छिंदक नागवंशी राजाओं द्वारा ग्राम बस्तर में बनवाया गया पुरातन शिव मंदिर बस्तर संभाग के दूसरे सबसे बड़े तालाब बाणसागर के किनारे अवस्थित है। यह मंदिर अपनी स्थापत्य कला के लिए विख्यात है। 304 साल पहले तक बस्तर का राज परिवार यहां पूजा अर्चना करने पहुंचता रहा […]

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