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Jagdalpur
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माता सीता से जुड़ी है कमरछठ की यह मान्यता, देवधान के चावल से तैयार हुआ था प्रसाद

Jagdalpur: छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और लोक मान्यताओं के लिए जाना जाता है। इसी बस्तर को प्राचीन काल में दंडकारण्य के नाम से जोड़ा जाता है। कमरछठ यानी हलषष्ठी पर्व से जुड़ी एक लोक मान्यता के अनुसार, वनवास के दौरान माता सीता ने इसी दंडकारण्य क्षेत्र में अपने देवर लक्ष्मण […]

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Religious Traditions of Bastar
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बस्तर में ग्रामदेव के रूप में पूजे जाते हैं शिव और शक्ति, सदियों पुरानी परंपरा आज भी जीवंत

Religious Traditions of Bastar : बस्तर की पहचान केवल उसकी प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की धार्मिक आस्थाएं भी अपनी विशिष्ट परंपराओं के कारण पूरे देश में अलग स्थान रखती हैं। बस्तर के वनांचल में भगवान शिव और शक्ति की आराधना ग्रामदेव के रूप में सदियों से होती आ […]

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यहां उमा-महेश्वर की प्रतिमाएं बताती हैं शैव विरासत

Bastar Shiva Temple : छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आदिवासी संस्कृति के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि यहां हजारों साल पुरानी शिव-शक्ति उपासना की समृद्ध परंपरा भी देखने को मिलती है। मान्यता है कि जहां शक्ति का वास होता है, वहां शिव की उपस्थिति भी होती है। इसी आस्था और […]

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