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नारद मुनि की कथा: किसके भाग्य से आता है घर में धन?
Narad Muni: कई बार इंसान अपनी मेहनत और कमाई पर इतना गर्व करने लगता है कि उसे लगता है कि परिवार की हर खुशी सिर्फ उसी की वजह से है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे जीवन में मिलने वाली सुख-सुविधाओं के पीछे भाग्य, रिश्तों और परिस्थितियों की भी कोई भूमिका हो सकती […]
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त्रेता से द्वापर तक जीवित रहे ये 7 महान पात्र, रामायण-महाभारत में मिलता है वर्णन
रामायण और महाभारत दोनों युगों के साक्षी बने जो महान महापुऋष आचार्य संजय तिवारी Mahabharata : इन्होंने त्रेता से द्वापर तक जीवित रह कर अनेक भूमिकाएं निभाई भी है।भारतीय काल गणना के अनुसार रामायण त्रेता युग में हुआ और महाभारत द्वापर युग के अंत में। दोनों के बीच लगभग 8 से 9 लाख वर्षों […]
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माता सीता से जुड़ी है कमरछठ की यह मान्यता, देवधान के चावल से तैयार हुआ था प्रसाद
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Nayalook

- September 2, 2026 | 1:30 pm
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Jagdalpur: छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और लोक मान्यताओं के लिए जाना जाता है। इसी बस्तर को प्राचीन काल में दंडकारण्य के नाम से जोड़ा जाता है। कमरछठ यानी हलषष्ठी पर्व से जुड़ी एक लोक मान्यता के अनुसार, वनवास के दौरान माता सीता ने इसी दंडकारण्य क्षेत्र में अपने देवर लक्ष्मण […]
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