# Bastar

Religious Traditions of Bastar
homeslider Religion

बस्तर में ग्रामदेव के रूप में पूजे जाते हैं शिव और शक्ति, सदियों पुरानी परंपरा आज भी जीवंत

Religious Traditions of Bastar : बस्तर की पहचान केवल उसकी प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की धार्मिक आस्थाएं भी अपनी विशिष्ट परंपराओं के कारण पूरे देश में अलग स्थान रखती हैं। बस्तर के वनांचल में भगवान शिव और शक्ति की आराधना ग्रामदेव के रूप में सदियों से होती आ […]

Spread the love
Read More
homeslider Religion

यहां उमा-महेश्वर की प्रतिमाएं बताती हैं शैव विरासत

Bastar Shiva Temple : छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आदिवासी संस्कृति के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि यहां हजारों साल पुरानी शिव-शक्ति उपासना की समृद्ध परंपरा भी देखने को मिलती है। मान्यता है कि जहां शक्ति का वास होता है, वहां शिव की उपस्थिति भी होती है। इसी आस्था और […]

Spread the love
Read More
Untitled 1 copy 26
Jharkhand

विश्व रंगमंच दिवस पर विशेष: 625 वर्षों से जीवित है बस्तर की रंगमंच परंपरा

हेमंत कश्यप जगदलपुर। बस्तर की धरती पर रंगमंच की परंपरा कोई नई नहीं, बल्कि सदियों पुरानी विरासत है। लगभग 625 वर्षों से यहां नाट्य कला जीवंत रूप में फल-फूल रही है। इस समृद्ध परंपरा की नींव बस्तर के राजा भैराज देव ने रखी थी, जिन्होंने मंचीय कार्यक्रमों की शुरुआत कर सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को नई दिशा […]

Spread the love
Read More
Untitled 29 copy 2
homeslider Jharkhand Religion

बस्तर की नौ पतिया बेलपत्र का शबरीनारायण क्षेत्र में कारोबार

बाकायदा पोस्टर बनाकर बेचे जा रहे नौ पतिया बेलपत्र हेमंत कश्यप जगदलपुर। बस्तर के जंगलों में वृहद पैमाने पर पाए जाने वाले नौ पत्तियां बेल का छत्तीसगढ़ के ही शबरीनारायण क्षेत्र में जमकर कारोबार हो रहा है। यहां एक नौ पतिया बेलपत्र को पाँच रूपये तक में बेचा जा रहा है। यह देवलोक स्वर्ग से […]

Spread the love
Read More