# Bastar
बस्तर दशहरा: 305 साल पुरानी काछन गादी की परंपरा
आज भी राज परिवार मांगता है देवी से अनुमति काछन देवी की आराधना के बाद शुरू होंगे दशहरा के पारंपरिक आयोजन बेल की कांटेदार झूले पर लिटाई जाती है नाबालिग कन्या हेमंत कश्यप Jagdalpur: बस्तर के ऐतिहासिक दशहरा की परंपराएं आज भी सदियों पुरानी जनजातीय आस्था और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए हैं। इसी […]
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जहाँ कभी सुरक्षा शिविर था, आज वहीं संवर रहा है आदिवासी बच्चों का भविष्य
सुरक्षा शिविर से छात्रावास तक: बस्तर में बदलती तस्वीर Bastar: छत्तीसगढ़ के बस्तर की कहानी लंबे समय तक संघर्ष, नक्सलवाद और सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में कही जाती रही है। लेकिन आज इसी बस्तर में बदलाव की एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जो यह बताती है कि शांति केवल सुरक्षा का नाम नहीं, […]
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झीरम कांड के सभी 10 दोषियों को मौत की सजा
NI कोर्ट बस्तर का ऐतिहासिक फैसला 29 मौतों में आरोपी 24 धाराओं में दोषी 2013 में परिवर्तन यात्रा काफिले पर हमला Jagdalpur: 13 साल पहले हुए झीरम नक्सली हमले के 10 दोषियों को अलग-अलग धाराओं में मृत्युदंड से लेकर आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा 16 सितंबर को बस्तर की NI कोर्ट के जज राजपूत […]
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छिंदगांव: जहां माता पार्वती ने इंद्राणी को इंद्र से मिलाया
तीनों ने मिलकर छिंदगांव नदी किनारे की शिवलिंग की स्थापना इंद्र और पार्वती के सानिध्य की वजह से नाम पड़ा इंद्रावती हेमंत कश्यप/जगदलपुर Chhindgaon Shivling : इंद्रावती नदी के किनारे स्थित छिंदगांव का शिवलिंग हजारों साल पुराना है। लोग मान्यता है कि शबरी नामक युवती के प्रेम में आसक्त इंद्र को समझा बुझाकर माता पार्वती […]
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डंकनी-शंखनी संगम में गिरे मां सती के अधोदंत, 5000 साल पुराना माना जाता है दंतेश्वरी शक्तिपीठ
Jagdalpur: दक्षिण बस्तर में डंकनी और शंखनी नदियों के संगम पर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यह शक्तिपीठ करीब 5000 वर्ष से भी अधिक पुराना है। वर्तमान में मंदिर केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के संरक्षण में है। […]
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