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बस्तर का एक मात्र दुर्लभ धारालिंग दंतेवाड़ा में

शंखनी किनारे पड़े धारालिंग में बने हैं 16 कोण डेढ़ हजार साल पुराना है बस्तर का एकमात्र धारालिंग हेमंत कश्यप/जगदलपुर Hemant Kashyap/Jagdalpur : बस्तर संभाग का एकमात्र धारालिंग दंतेवाड़ा में शंखनी नदी के किनारे डेढ़ हजार साल से मौजूद है। इस विलक्षण धारालिंग में 16 कोण बने हुए हैं, इसलिए इस तरह के शिवलिंग को […]

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कभी स्वर्ण मुद्राओं से बना था गढ़िया का शिवालय, 966 साल बाद खंडहर

Garhiya Shiva Temple : बस्तर के इतिहास में छिंदक नागवंश का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। इसी कालखंड की ऐतिहासिक धरोहरों में लोहंडीगुड़ा-कोड़ेनार मार्ग पर ग्राम गढ़िया में स्थित प्राचीन शिव मंदिर भी शामिल है। करीब 966 वर्ष पुराने इस शिवालय का निर्माण छिंदक नागवंशीय नरेश जगदेक भूषण धारावर्ष ने क्षेत्र के संपन्न किसानों से दान […]

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Shiva temple
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Bastar’s ancient Shiva temple : एक हजार से बाण सागर शिवालय में हो रही पूजा

304 साल पहले तक बस्तर राजपरिवार करता रहा पूजा अब केंद्रीय पुरातत्व संरक्षण के अधीन है यह मंदिर हेमंत कश्यप Bastar’s ancient Shiva temple: करीब 1000 साल पहले छिंदक नागवंशी राजाओं द्वारा ग्राम बस्तर में बनवाया गया पुरातन शिव मंदिर बस्तर संभाग के दूसरे सबसे बड़े तालाब बाणसागर के किनारे अवस्थित है। यह मंदिर अपनी […]

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Pathri Shivdham
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बस्तर का सबसे पुराना शिवधाम है पाथरी

यहां जंगल में हर टीला के नीचे मिलते हैं शिवलिंग अब तक हो पाई है सिर्फ नौ टीलों की खुदाई हेमंत कश्यप Pathri Shivdham Bastar: वनांचल बस्तर के पाथरी गांव में सैकड़ों टीले है। जिस टीले की खुदाई की जाती है। एक शिवलिंग जरूर मिलता है। भारत की सबसे विलक्षण और दुर्लभ जलहरी मध्य खड़ी […]

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विश्व पुरातत्व एवं विरासत दिवस: समय की पदचापों का संरक्षण और हमारी साझा पहचान

विश्व पुरातत्व एवं विरासत दिवस प्रतिवर्ष 18 अप्रैल को मनाया जाता है। प्राचीन धरोहरें हमारी साझा संस्कृति और प्राकृतिक विरासत का एक मूल्यवान हिस्सा है। इनकी सुरक्षा और संरक्षण करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस भावना को मजबूती देने और विश्व धरोहर स्थलों के महत्व तथा भावी पीढ़ियों के लिए उनकी सुरक्षा के महत्व के […]

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