
बाढ़ के बीच निकली अनोखी बारात
A Unique Wedding Procession: ओडिशा के जाजपुर से ढेंकानाल जाने वाली एक बारात काफी चर्चा में है। इस बारात में न घोड़ी थी और न ही डीजे की गूंज। बाढ़ प्रभावित इलाके में नाव से बारात निकाली गई।ओडिशा में आई बाढ़ ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई गांवों का सड़क संपर्क टूट चुका है और जगह-जगह पानी भरा हुआ है। ऐसे ही हालात के बीच जाजपुर जिले से एक अनोखी शादी की कहानी सामने आई, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
यहां जाजपुर जिले के सिमुलिया गांव में रहने वाले एक युवक की शादी ढेंकानाल जिले के भुवन क्षेत्र में तय थी। शादी की तारीख पहले से निश्चित थी और सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। लेकिन लगातार बारिश और बाढ़ के कारण गांव की सड़कें पानी में डूब गईं। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि दूल्हा बारात लेकर दुल्हन के घर कैसे पहुंचे।
बारात के लिए नाव का लिया सहारा
यह घटना केवल एक अनोखी शादी की कहानी नहीं है, बल्कि ओडिशा के बाढ़ प्रभावित इलाकों की जमीनी हकीकत भी बयां करती है। हर साल मानसून के दौरान कई गांवों का सड़क संपर्क टूट जाता है और लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का अस्पताल पहुंचना और जरूरी सामान की आपूर्ति जैसी तमाम गतिविधियां भी नावों के भरोसे चलती हैं। राहत की बात यह रही कि दूल्हा, बाराती और अन्य सभी लोग सुरक्षित दुल्हन के घर पहुंचे। विवाह की सभी रस्में तय कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हुईं और यह शादी अब इलाके में मिसाल बन गई है।
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बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के बीच भी परिवारों ने धैर्य, समझदारी और सकारात्मक सोच का परिचय देते हुए यह साबित कर दिया कि यदि इरादे मजबूत हों तो मुश्किल हालात भी खुशियों के रास्ते में बाधा नहीं बन सकते। परिवार ने शादी टालने के बजाय दूसरा रास्ता चुना। जब सड़क का रास्ता बंद मिला, तो बारात के लिए नाव का सहारा लिया गया। दूल्हा अपनी शेरवानी पहनकर रिश्तेदारों और बारातियों के साथ मोटरचालित देसी नाव, जिसे स्थानीय लोग “भुटभुटी” कहते हैं, पर सवार हुआ और बाढ़ के पानी के बीच से अपनी मंजिल की ओर रवाना हो गया। इस अनोखी बारात में न घोड़ी थी, न लग्जरी कार और न ही डीजे की गूंज। इसके बावजूद उत्साह में कोई कमी नहीं थी। नाव पर बैठे बाराती पूरे सफर के दौरान हंसी-मजाक करते रहे।
स्थानीय लोगों ने बनाई वीडियो
ओडिशा में बाढ़ ने जहां हजारों लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया है, वहीं इसी मुश्किल दौर के बीच एक ऐसी शादी देखने को मिली जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। जाजपुर जिले से निकली एक अनोखी बारात इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रही है। इस बारात की सबसे खास बात यह रही कि दूल्हा न तो घोड़ी पर सवार था और न ही किसी लग्जरी कार में बैठा था। सड़कें जलमग्न होने के कारण दूल्हा और बाराती मोटरचालित देसी नाव के जरिए दुल्हन के घर पहुंचे और तय समय पर विवाह की सभी रस्में पूरी की गईं।
जाजपुर जिले के सिमुलिया गांव निवासी युवक का विवाह ढेंकानाल जिले के भुवन क्षेत्र में तय हुआ था। शादी की तारीख पहले से निर्धारित थी और दोनों परिवारों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं। लेकिन लगातार हो रही बारिश और बाढ़ के कारण गांवों को जोड़ने वाली सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं। ऐसे हालात में बारात के पहुंचने को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई।
बाढ़ के पानी के बीच आगे बढ़ती इस बारात को देखने के लिए आसपास के लोग रुक गए। कई लोगों ने अपने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड किए, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। दूल्हे ने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि अपनी शादी में नाव से सफर करना पड़ेगा। हालांकि, अब यह अनुभव उसकी जिंदगी की सबसे खास याद बन गया है। हर शादी यादगार होती है, लेकिन बाढ़ के पानी के बीच निकली यह बारात हमेशा अलग पहचान रखेगी।
बाढ़ में हाल बेहाल
दोनों परिवारों ने शादी को टालने के बजाय हालात के अनुसार समाधान तलाशा। सड़क मार्ग बंद होने पर नाव का इंतजाम किया गया। दूल्हा पारंपरिक शेरवानी पहनकर अपने रिश्तेदारों और बारातियों के साथ मोटरचालित देसी नाव, जिसे स्थानीय भाषा में “भुटभुटी” कहा जाता है, पर सवार हुआ। इसके बाद बाढ़ के पानी के बीच से सफर करते हुए पूरी बारात दुल्हन के घर के लिए रवाना हुई। इस अनोखी बारात में घोड़ी, बैंड-बाजा और डीजे की धुनें भले ही नहीं थीं, लेकिन उत्साह और खुशियों में कोई कमी नहीं थी।
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नाव पर बैठे बाराती पूरे रास्ते हंसी-मजाक करते रहे और शादी के इस अलग अनुभव का आनंद लेते नजर आए।दूल्हा भी इस यादगार सफर को जीवन का सबसे अनोखा पल बता रहा है। बाढ़ के पानी के बीच आगे बढ़ती इस बारात को देखने के लिए आसपास के गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में जमा हो गए। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से इस अनोखे नजारे का वीडियो बनाया। देखते ही देखते ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए और लोगों ने इस बारात की जमकर सराहना की।
कई यूजर्स ने इसे मुश्किल परिस्थितियों में भी रिश्तों और परंपराओं को निभाने की शानदार मिसाल बताया। यह घटना केवल एक अनोखी शादी की कहानी नहीं है, बल्कि ओडिशा के बाढ़ प्रभावित इलाकों की वास्तविक स्थिति भी दिखाती है। हर साल मानसून के दौरान सड़कें जलमग्न हो जाती हैं और कई गांवों का संपर्क बाहरी दुनिया से कट जाता है। ऐसे समय में स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों तक, सभी के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बन जाती है। फिलहाल यह बारात सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच गई और शादी भी तय कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हुई।
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