
Karkardooma Court Verdict : वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान हुए आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में कड़कड़डूमा कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने माना कि यह अपराध बेहद क्रूर और अमानवीय था, लेकिन इसे फांसी की सजा देने योग्य मामला नहीं माना गया। अदालत ने ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, अनस और जावेद को हत्या, अपहरण, दंगा और सांप्रदायिक नफरत फैलाने जैसे मामलों में दोषी ठहराया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
अंकित शर्मा की हत्या की पूरी कहानी
अंकित शर्मा 25 फरवरी 2020 को दिल्ली के चांद बाग इलाके में अपने घर से निकले थे। उस समय इलाके में तनाव का माहौल था और वह स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे। इसके बाद वह अचानक लापता हो गए। अगले दिन यानी 26 फरवरी को उनका शव चांद बाग के पास एक नाले से बरामद किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर 51 चोटों के निशान मिले थे। जांच में सामने आया कि उन पर धारदार और कुंद हथियारों से हमला किया गया था।
जांच में सामने आए अहम तथ्य
जांच एजेंसियों के अनुसार, अंकित शर्मा को भीड़ ने निशाना बनाया और उनके साथ बर्बर तरीके से मारपीट की गई। अभियोजन पक्ष ने अदालत में गवाहों, फोरेंसिक सबूतों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा। अदालत में बताया गया कि घटना के दौरान ताहिर हुसैन की भूमिका भीड़ को उकसाने और हिंसा को बढ़ावा देने के रूप में सामने आई। जांच के दौरान उनकी संपत्ति से कथित तौर पर पेट्रोल बम, पत्थर और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद होने की बात भी रखी गई।
ताहिर हुसैन पर लगे आरोप
अभियोजन पक्ष के अनुसार, ताहिर हुसैन ने चांद बाग स्थित अपनी इमारत की छत को हिंसा के दौरान एक तरह के ऑपरेशनल बेस की तरह इस्तेमाल किया। कई गवाहों ने अदालत में बयान दिया कि उन्होंने भीड़ की गतिविधियों को निर्देशित करते हुए देखा था। कोर्ट ने माना कि अंकित शर्मा का अपहरण कर उनकी हत्या की गई और बाद में शव को नाले में फेंक दिया गया।
फांसी की मांग क्यों खारिज हुई?
सरकारी वकील ने अदालत से दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की थी। उनका कहना था कि हत्या बेहद जघन्य थी और पीड़ित के शरीर पर 51 चोटें मिली थीं। वहीं बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि किसी एक आरोपी की हत्या में सीधी भूमिका साबित नहीं हुई है। उन्होंने दोषियों के जेल में अच्छे व्यवहार और सुधार की संभावना का हवाला दिया। अदालत ने कहा कि हत्या बेहद गंभीर और दर्दनाक थी, लेकिन अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि दोषियों में सुधार की कोई संभावना नहीं है। इसी आधार पर कोर्ट ने फांसी की सजा के बजाय उम्रकैद का फैसला सुनाया।
जुर्माना भी लगाया गया
कोर्ट ने ताहिर हुसैन पर 5 लाख रुपये और बाकी चार दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि में से 5 लाख रुपये अंकित शर्मा के परिवार को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।
अंकित शर्मा केस की टाइमलाइन
25 फरवरी 2020 : अंकित शर्मा चांद बाग इलाके में गए और इसके बाद लापता हो गए।
26 फरवरी 2020 : उनका शव नाले से बरामद हुआ।
जांच के दौरान : कई गवाहों, फोरेंसिक सबूतों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान हुई।
कोर्ट का फैसला : ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
खबरों में अपडेट रहना हमारी आदत है और सबसे आगे रहना मेरा जुनून। अब नया लुक ऐप भी ले आया है। आप सभी से अनुरोध है कि आप इसे अपना प्यार, दुलार और आशीर्वाद दें। आप सभी से निवेदन है कि मेरा न्यूज ऐप अपने अपने फोन में इंस्टॉल कर लीजिए। मैं आप सभी का आभारी रहूंगा…। https://play।google।com/store/apps/details?id=com।app।nayalooknews
ये भी पढें
दागी पुलिसकर्मियों पर नकेल नहीं तो कैसे थमे अपराध
बिना सफेद शर्ट के कचहरी में नहीं कर सकेंगे पैरवी
खुशबू के पीछे छिपा खतरा? गर्दन पर परफ्यूम लगाने की आदत को लेकर कैंसर रिसर्चर की चेतावनी
वेस्टइंडीज क्रिकेट में बढ़ा विवाद, अल्जारी जोसेफ ने हेड कोच के बयान पर जताई नाराजगी


One thought on “अंकित शर्मा मर्डर केस की पूरी टाइमलाइन: लापता होने से लेकर उम्रकैद की सजा तक का सफर”
Comments are closed.