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कभी स्वर्ण मुद्राओं से बना था गढ़िया का शिवालय, 966 साल बाद खंडहर

Garhiya Shiva Temple : बस्तर के इतिहास में छिंदक नागवंश का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। इसी कालखंड की ऐतिहासिक धरोहरों में लोहंडीगुड़ा-कोड़ेनार मार्ग पर ग्राम गढ़िया में स्थित प्राचीन शिव मंदिर भी शामिल है। करीब 966 वर्ष पुराने इस शिवालय का निर्माण छिंदक नागवंशीय नरेश जगदेक भूषण धारावर्ष ने क्षेत्र के संपन्न किसानों से दान […]

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Racism
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दूक से रैंप तक, बस्तर की बेटियों ने बदल दी नक्सलवाद की तस्वीर

Racism बस्तर की धरती पर सबसे बड़ी खबर अब यह नहीं है कि कितनी बंदूकें बरामद हुईं, कितने नक्सली मारे गए या कितनों ने आत्मसमर्पण किया। असली खबर वह तस्वीर है, जिसमें कभी जंगलों में हथियार लेकर चलने वाली महिलाएं रायपुर के मंच पर कोसा सिल्क पहनकर रैंप पर उतरती हैं। 7 अगस्त को राष्ट्रीय […]

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Shiva temple
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Bastar’s ancient Shiva temple : एक हजार से बाण सागर शिवालय में हो रही पूजा

Bastar’s ancient Shiva temple: करीब 1000 साल पहले छिंदक नागवंशी राजाओं द्वारा ग्राम बस्तर में बनवाया गया पुरातन शिव मंदिर बस्तर संभाग के दूसरे सबसे बड़े तालाब बाणसागर के किनारे अवस्थित है। यह मंदिर अपनी स्थापत्य कला के लिए विख्यात है। 304 साल पहले तक बस्तर का राज परिवार यहां पूजा अर्चना करने पहुंचता रहा […]

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Pathri Shivdham
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बस्तर का सबसे पुराना शिवधाम है पाथरी

यहां जंगल में हर टीला के नीचे मिलते हैं शिवलिंग अब तक हो पाई है सिर्फ नौ टीलों की खुदाई हेमंत कश्यप Pathri Shivdham Bastar: वनांचल बस्तर के पाथरी गांव में सैकड़ों टीले है। जिस टीले की खुदाई की जाती है। एक शिवलिंग जरूर मिलता है। भारत की सबसे विलक्षण और दुर्लभ जलहरी मध्य खड़ी […]

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Religious Traditions of Bastar
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बस्तर में ग्रामदेव के रूप में पूजे जाते हैं शिव और शक्ति, सदियों पुरानी परंपरा आज भी जीवंत

Religious Traditions of Bastar : बस्तर की पहचान केवल उसकी प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की धार्मिक आस्थाएं भी अपनी विशिष्ट परंपराओं के कारण पूरे देश में अलग स्थान रखती हैं। बस्तर के वनांचल में भगवान शिव और शक्ति की आराधना ग्रामदेव के रूप में सदियों से होती आ […]

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यहां उमा-महेश्वर की प्रतिमाएं बताती हैं शैव विरासत

Bastar Shiva Temple : छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आदिवासी संस्कृति के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि यहां हजारों साल पुरानी शिव-शक्ति उपासना की समृद्ध परंपरा भी देखने को मिलती है। मान्यता है कि जहां शक्ति का वास होता है, वहां शिव की उपस्थिति भी होती है। इसी आस्था और […]

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विश्व रंगमंच दिवस पर विशेष: 625 वर्षों से जीवित है बस्तर की रंगमंच परंपरा

हेमंत कश्यप जगदलपुर। बस्तर की धरती पर रंगमंच की परंपरा कोई नई नहीं, बल्कि सदियों पुरानी विरासत है। लगभग 625 वर्षों से यहां नाट्य कला जीवंत रूप में फल-फूल रही है। इस समृद्ध परंपरा की नींव बस्तर के राजा भैराज देव ने रखी थी, जिन्होंने मंचीय कार्यक्रमों की शुरुआत कर सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को नई दिशा […]

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बस्तर की नौ पतिया बेलपत्र का शबरीनारायण क्षेत्र में कारोबार

बाकायदा पोस्टर बनाकर बेचे जा रहे नौ पतिया बेलपत्र हेमंत कश्यप जगदलपुर। बस्तर के जंगलों में वृहद पैमाने पर पाए जाने वाले नौ पत्तियां बेल का छत्तीसगढ़ के ही शबरीनारायण क्षेत्र में जमकर कारोबार हो रहा है। यहां एक नौ पतिया बेलपत्र को पाँच रूपये तक में बेचा जा रहा है। यह देवलोक स्वर्ग से […]

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