Litreture
पक्ष या विपक्ष में हों राष्ट्रहित ही जिनके जीवन का लक्ष्य रहा ऐसे मुखर वक्ता भारत रत्न महान नेता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी पर प्रस्तुत है भावांजलि
अटल जी सचमुच अटल थे। राष्ट्रहित चिंतक प्रखर थे।। अमृत जिसके उर बसा था, देश हित जीवन कसा था , संयमित वाणी मुखर था , देश हित जिनमे प्रबल था । हिमालय से वह अचल थे। अटल जी सचमुच अटल थे।।१।। सिंह सा वे गरजते थे। भाव मे वे लरजते थे । संसदी इतिहास मे […]
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जीवन का कड़वा सच देखना है तो एक बार देख लीजिए जनरल डिब्बा
जनरल मतलब बिना रिजर्वेशन वाला डिब्बा डॉ धनंजय मणि त्रिपाठी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते हुए एक आदमी ने पूछा -“गरीब रथ में जनरल डिब्बा किधर लगता है?” जनरल मतलब बिना रिजर्वेशन वाला डिब्बा। हमने बताया -“गरीब रथ में जनरल डिब्बा नहीं लगता।” फिर हमने बिना मांगे सलाह दी -“टीटी से […]
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बालगीत : ठंढी आई ठंढी आई
बंदर,भालू,कुत्ता बिल्ली, सबको तो ठंडी है लगती। गाय भैस हाथी बकरी को, इनको भी तो ठंडी लगती।। पर इनकी मां ख्याल न करती। बिना किसी कपड़े के देखो। बाहर जाने को है कहती।। पर हमको स्वेटर पहना कर। मां बाहर जाने को कहती।। सुबह सांझ को ठंड बढ़ी है। दोपहरी में धूप सजी है।। दिन […]
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नवरात्रि पर विशेष कविता : शिव की शक्ति बनी नव दुर्गा
त्रिभुवन की रक्षा करती। दंडित कर आसुरी शक्तियों को जग मे मंगल करती।।१।। आओ कालरात्रि जगतारिणि गौरी उमा महामाया। महालक्ष्मी महासरस्वति तू ही दुर्गा जग माया।।२।। चंड मुंड ही विविध रूप धरि। शुभ निशुंभ सभी घेरे। रक्त बीज संग महिषासुर ये मुझको महाजाल घेरे।।३।। कभी रोग बन कभी शोक बन कभी क्लेश बन युद्ध करे। […]
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हिंदी दिवस के पूर्व संध्या पर प्राथमिक विद्यालय बिरैचा में हुआ विशेष कार्यक्रम
छात्रों ने निबंध, कविता, वाद विवाद प्रतियोगिता और कहानी लेखन में लिया हिस्सा महराजगंज। घुघली ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय बिरैचा में हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर विशेष कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने हिंदी निबंध, कविता, प्रश्नोत्तरी, वाद विवाद प्रतियोगिता और कहानी लेखन प्रतियोगिता में उत्साह से भाग लिया। इस अवसर पर बच्चों को […]
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