डायबिटीज़ में डाइट कैसे हो: कार्ब्स, प्रोटीन और फल-सब्ज़ियों का सही चुनाव

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डायबिटीज़ मरीज़ों के लिए डाइट का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण होता है। सबसे पहला कदम होता है कार्बोहाइड्रेट्स का सही चुनाव। क्योंकि कार्ब्स ब्लड ग्लूकोज़ लेवल पर सबसे ज़्यादा असर डालते हैं, इसलिए डायबिटीज़ मैनेजमेंट में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) वाले और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सफेद चावल की बजाय रोटी या ब्राउन राइस का सेवन बेहतर होता है। गेहूँ, बाजरा और चने का आटा मिलाकर बनाई गई रोटियाँ पोषण और फ़ाइबर का अच्छा स्रोत हैं। ब्राउन राइस में फ़ाइबर अधिक होता है और इसका GI कम होता है, जिससे ब्लड शुगर नियंत्रण में रहता है।

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प्रोटीन का सेवन भी डायबिटीज़ डाइट में महत्वपूर्ण होता है। प्रोटीन इंसुलिन के रिस्पॉन्स को बढ़ाते हैं, बिना ब्लड ग्लूकोज़ को अचानक बढ़ाए। दिन की शुरुआत स्किम्ड दूध से करना फायदेमंद होता है। कच्ची सब्ज़ियाँ और बिना प्रोसेस किए हुए अनाज भी प्रोटीन और फ़ाइबर का अच्छा स्रोत हैं। दालें जैसे मूँग, अरहर, उड़द, चना और मसूर डाइट में शामिल करना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा कम फ़ैट वाले डेयरी प्रोडक्ट, कम फ़ैट वाला मांस या प्रोटीन से भरपूर फलियाँ भी शामिल की जा सकती हैं। अगर प्रोटीन सप्लीमेंट लेने का मन हो, तो शुगर-फ्री सप्लीमेंट चुनें।

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फल और सब्ज़ियों में विटामिन, मिनरल, फ़ाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं। लेकिन डायबिटीज़ मरीज़ों को ऐसे फल और सब्ज़ियाँ चुननी चाहिए जिनका GI कम हो। साबुत फल और सलाद के रूप में सब्ज़ियाँ खाने की प्राथमिकता दें, क्योंकि जूस में फ़ाइबर कम और चीनी अधिक होती है। खाना खाने के तुरंत बाद फल न खाएं, क्योंकि इससे ब्लड ग्लूकोज़ लेवल अचानक बढ़ सकता है। डायबिटीज़ में डाइट का सही चुनाव ब्लड शुगर नियंत्रण और स्वास्थ्य के लिए अहम होता है।

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