कश्मीर की खूबसूरत वादियों में बसंत का आगमन एक बार फिर रंग-बिरंगे फूलों के साथ हो गया है। एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है, जिसके बाद जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में सैलानियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। डल झील के किनारे पहाड़ियों की गोद में बसे इस गार्डन में करीब 18 लाख ट्यूलिप के फूल खिले हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। इस गार्डन में लाल, पीले, गुलाबी, बैंगनी और सफेद रंगों के ट्यूलिप फूलों की लगभग 70 किस्में लगाई गई हैं। जैसे ही गार्डन के द्वार पर्यटकों के लिए खोले गए, देश और विदेश से आए सैलानी यहां पहुंचने लगे। फूलों की खूबसूरती और सुहावने मौसम ने इस जगह को और भी आकर्षक बना दिया है।
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ट्यूलिप गार्डन का उद्घाटन उमर अब्दुल्ला ने किया। उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा कि यह गार्डन न केवल कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता को दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है, बल्कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साल बड़ी संख्या में पर्यटक कश्मीर का रुख करेंगे। डल झील और पहाड़ियों के बीच स्थित यह गार्डन पर्यटकों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। यहां आने वाले सैलानी फूलों के बीच घूमते हुए तस्वीरें खिंचवाते नजर आए। कई पर्यटक परिवार और दोस्तों के साथ इस खूबसूरत नजारे का आनंद लेते दिखाई दिए।
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कश्मीर की वादियों की खूबसूरती को दर्शाने वाला एक मशहूर गीत भी लोगों को यहां आने के लिए प्रेरित करता है। सिलसिला फिल्म का प्रसिद्ध गीत “देखा एक ख्वाब तो ये सिलसिले हुए”, जिसे अमिताभ बच्चन और रेखा पर फिल्माया गया था, आज भी लोगों को इन खूबसूरत फूलों की याद दिलाता है। श्रीनगर ट्यूलिप गार्डन को बनाने का उद्देश्य कश्मीर में पर्यटन सीजन को जल्दी शुरू करना है। आमतौर पर कश्मीर में पर्यटन का मौसम अप्रैल से शुरू होता है, लेकिन ट्यूलिप गार्डन के कारण अब मार्च से ही पर्यटकों का आगमन बढ़ जाता है। स्थानीय प्रशासन को उम्मीद है कि इस साल ट्यूलिप महोत्सव के दौरान हजारों की संख्या में पर्यटक यहां पहुंचेंगे, जिससे कश्मीर के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
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