कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत! पैनक्रिएटिक कैंसर की नई दवा को FDA की मंजूरी

पैनक्रिएटिक कैंसर के इलाज में बड़ी कामयाबी

New Delhi: पैनक्रिएटिक कैंसर यानी अग्न्याशय के कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिका की फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने एडवांस्ड और मेटास्टैटिक पैनक्रिएटिक कैंसर के इलाज के लिए नई टारगेटेड दवा डाराक्सोनरासिब (Daraxonrasib) को मंजूरी दे दी है। इसे RASONQUE ब्रांड नाम से Revolution Medicines बाजार में लाएगी। FDA ने 26 अगस्त 2026 को इस दवा को मंजूरी दी।

यह मंजूरी इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि पैनक्रिएटिक कैंसर लंबे समय से सबसे मुश्किल इलाज वाले कैंसर में शामिल रहा है। यह बीमारी अक्सर शुरुआती चरण में स्पष्ट लक्षण नहीं देती, जिसके कारण कई मरीजों में इसका पता तब चलता है जब कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैल चुका होता है।

कैसे काम करती है नई दवा?

डाराक्सोनरासिब एक RAS inhibitor है। यह RAS प्रोटीन परिवार को निशाना बनाती है, जो कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि और फैलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पैनक्रिएटिक एडेनोकार्सिनोमा के ज्यादातर मामलों में RAS से जुड़े बदलाव पाए जाते हैं। FDA के अनुसार, नई दवा RAS के कई रूपों को निशाना बनाने के लिए डिजाइन की गई है।

खास बात यह है कि RAS प्रोटीन को लंबे समय तक कैंसर की दवाओं के लिए बेहद मुश्किल टारगेट माना जाता रहा था। ऐसे में इसे सीधे निशाना बनाने वाली दवा की मंजूरी कैंसर रिसर्च के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

500 मरीजों पर हुई स्टडी में क्या मिला?

FDA के मुताबिक, दवा की प्रभावशीलता का आकलन 500 मरीजों पर किए गए रैंडमाइज्ड क्लीनिकल ट्रायल में किया गया। इन मरीजों को पहले कम से कम एक सिस्टमेटिक इलाज मिल चुका था और उनका मेटास्टैटिक पैनक्रिएटिक कैंसर आगे बढ़ चुका था।

स्टडी में डाराक्सोनरासिब लेने वाले मरीजों की मीडियन ओवरऑल सर्वाइवल 13.2 महीने रही, जबकि मानक कीमोथेरेपी लेने वाले मरीजों में यह 6.7 महीने थी। यानी अध्ययन में नई दवा के साथ जीवित रहने का औसत समय लगभग दोगुना रहा।

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इसके अलावा, नई दवा लेने वाले मरीजों में बीमारी के बढ़ने से पहले का औसत समय भी अधिक रहा। FDA के अनुसार, डाराक्सोनरासिब समूह में मीडियन प्रोग्रेशन-फ्री सर्वाइवल 7.2 महीने था, जबकि मानक इलाज वाले समूह में यह 3.6 महीने रहा।

रोजाना लेनी होगी टैबलेट

यह दवा टैबलेट के रूप में रोजाना एक बार लेने के लिए मंजूर की गई है। FDA ने इसकी अनुशंसित खुराक 300 मिलीग्राम प्रतिदिन बताई है और इसे बीमारी बढ़ने या असहनीय विषाक्तता होने तक जारी रखने की सिफारिश की गई है।

हालांकि, इसे पूरी तरह साइड इफेक्ट से मुक्त नहीं माना जा सकता। FDA के अनुसार, इसके आम दुष्प्रभावों में रैश, दस्त, मुंह में सूजन या घाव, मतली, थकान, उल्टी, पेट दर्द, सूजन, भूख कम होना और रक्तस्राव शामिल हैं। दवा के इस्तेमाल के दौरान कुछ गंभीर जोखिमों को लेकर भी डॉक्टरों को सावधानी बरतनी होगी।

किन मरीजों के लिए मंजूर हुई है?

FDA ने डाराक्सोनरासिब को मेटास्टैटिक पैनक्रिएटिक एडेनोकार्सिनोमा वाले वयस्क मरीजों के लिए मंजूरी दी है, जिन्हें कम से कम एक पिछला सिस्टमेटिक इलाज मिल चुका है या जो मल्टी-एजेंट सिस्टमेटिक थेरेपी के लिए उपयुक्त नहीं हैं। FDA ने इस दवा को तय समय से करीब 6.5 महीने पहले मंजूरी दी। इसे पहले Breakthrough Therapy और Orphan Drug Designation भी मिल चुके थे।

दूसरे कैंसर के इलाज के लिए भी खुल सकता है रास्ता

इस दवा की सबसे बड़ी खासियत केवल पैनक्रिएटिक कैंसर तक सीमित नहीं मानी जा रही है। RAS प्रोटीन कई दूसरे कैंसर में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए RAS को निशाना बनाने वाली इस तकनीक से भविष्य में अन्य प्रकार के कैंसर के लिए नई टारगेटेड दवाओं के विकास का रास्ता खुल सकता है।

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