उंगलियां चटकाना बीमारी नहीं, ज्यादा जोर से चटकाने पर हो सकता है नुकसान

Harmful effects of cracking knuckles

Harmful effects of cracking knuckles : अक्सर लोग खाली बैठे या तनाव के दौरान अपनी उंगलियां चटकाते हैं। कई लोगों को इससे एक अलग तरह का सुकून महसूस होता है, जबकि कुछ लोग इसे सिर्फ आदत मानते हैं। हालांकि, लंबे समय से यह धारणा चली आ रही है कि बार-बार उंगलियां चटकाने से आगे चलकर गठिया यानी आर्थराइटिस की समस्या हो सकती है। लेकिन उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों में इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है।

उंगलियां चटकने पर आवाज क्यों आती है?

हमारी उंगलियों के जोड़ों के आसपास एक खास तरल पदार्थ मौजूद होता है, जिसे सिनोवियल फ्लूइड कहा जाता है। यह जोड़ों को चिकनाई देने और उनकी सामान्य गतिविधि में मदद करता है। जब उंगली के जोड़ को खींचा या मोड़ा जाता है तो जोड़ के भीतर दबाव में बदलाव होता है। इसी प्रक्रिया के दौरान तरल में मौजूद गैस से जुड़े बुलबुले बनते हैं और चटकने की आवाज सुनाई देती है। यानी यह आवाज हड्डियों के टूटने या घिसने की वजह से नहीं आती। वैज्ञानिकों ने इमेजिंग तकनीकों के जरिए भी इस प्रक्रिया का अध्ययन किया है।

क्या उंगलियां चटकाने से गठिया होता है?

उंगलियां चटकाने को लेकर सबसे बड़ी चिंता ऑस्टियोआर्थराइटिस की होती है। यह ऐसी स्थिति है जिसमें जोड़ों के बीच मौजूद कार्टिलेज समय के साथ कमजोर या क्षतिग्रस्त हो सकता है।

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हालांकि, अब तक हुए कई अध्ययनों में उंगलियां चटकाने और ऑस्टियोआर्थराइटिस के बीच कोई स्पष्ट संबंध नहीं मिला है। लंबे समय तक उंगलियां चटकाने वाले लोगों और ऐसा नहीं करने वालों में गठिया के जोखिम में महत्वपूर्ण अंतर नहीं पाया गया।

एक डॉक्टर ने खुद भी कई दशकों तक एक हाथ की उंगलियां चटकाने और दूसरे हाथ को ऐसा न करने देने का व्यक्तिगत प्रयोग किया था। बाद में दोनों हाथों की जांच में आर्थराइटिस का कोई स्पष्ट अंतर नहीं मिला। हालांकि, यह व्यक्तिगत अनुभव था, इसलिए इसे व्यापक वैज्ञानिक प्रमाण नहीं माना जा सकता।

ग्रिप स्ट्रेंथ पर भी नहीं पड़ता खास असर

एक समय यह भी माना जाता था कि उंगलियां चटकाने से हाथों की पकड़ कमजोर हो सकती है या उंगलियों में सूजन आ सकती है। शुरुआती कुछ शोधों में ऐसे संकेत मिले थे, लेकिन बाद के अध्ययनों में इन दावों की पुष्टि नहीं हुई। इसलिए सामान्य तरीके से उंगलियां चटकाने को ग्रिप स्ट्रेंथ कम होने का प्रमुख कारण नहीं माना जाता।

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कब हो सकती है परेशानी?

सामान्य रूप से बिना दर्द और बिना ज्यादा दबाव के उंगलियां चटकाना गंभीर नुकसान से जुड़ा नहीं माना जाता। लेकिन अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा जोर लगाकर उंगली को खींचता या झटके से मोड़ता है, तो मोच या चोट लग सकती है।

अगर उंगली चटकाने के दौरान दर्द, सूजन, उंगली की गतिविधि में कमी या लगातार असहजता महसूस हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

आदत छोड़ना चाहते हैं तो क्या करें?

अगर बार-बार उंगलियां चटकाने की आदत परेशान करती है, तो सबसे पहले यह समझने की कोशिश करें कि आप ऐसा कब और क्यों करते हैं। तनाव या बेचैनी के समय हाथों को व्यस्त रखने के लिए स्ट्रेस बॉल या फिजेट टॉय का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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