
Lucknow: सोशल मीडिया पर इन दिनों गैस सिलेंडर की कीमत को लेकर कई तरह के दावे वायरल हो रहे हैं। कुछ पोस्ट में कहा जा रहा है कि गैस सिलेंडर 400 से 600 रुपये तक सस्ता मिल रहा है। इसके बाद लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा कि क्या गैस की कीमतों में कोई बड़ी कटौती हुई है?
दरअसल, 23 सितंबर को Google Trends पर ‘गैस’ शब्द भी तेजी से सर्च किया गया। इसके बाद सिलेंडर की कीमत कम होने से जुड़ी खबरें और सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आने लगे। हालांकि, सिलेंडर की निर्धारित कीमत में 400-600 रुपये की कोई सामान्य कटौती नहीं हुई है। सस्ते सिलेंडर मिलने की वजह कुछ अलग है।
क्या वाकई 600 रुपये सस्ता हुआ सिलेंडर?
वायरल दावों में मुख्य रूप से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर को कम कीमत में मिलने की बात कही जा रही है। कुछ जगहों पर कॉमर्शियल सिलेंडर सामान्य कीमत से काफी कम में बेचे जाने की जानकारी सामने आई है।
इसका मतलब यह नहीं है कि तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल या घरेलू गैस सिलेंडर की आधिकारिक कीमत में 400 से 600 रुपये की कटौती कर दी है। कई मामलों में स्थानीय गैस एजेंसियां अपने स्तर पर बचे हुए कॉमर्शियल सिलेंडरों को कम कीमत पर बेच सकती हैं।
कॉमर्शियल सिलेंडर सस्ता क्यों बेचा जाता है?
एक गैस एजेंसी संचालक के मुताबिक, जब एजेंसी पर गैस सिलेंडर की खेप पहुंचती है तो उसमें घरेलू सिलेंडरों के साथ कुछ कॉमर्शियल सिलेंडर भी शामिल हो सकते हैं। जिन इलाकों में कॉमर्शियल सिलेंडर की मांग कम होती है, वहां एजेंसी के पास ऐसे सिलेंडर स्टॉक में बच सकते हैं।
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लंबे समय तक स्टॉक रहने की स्थिति में एजेंसी उन्हें कम कीमत पर बेचने का विकल्प चुन सकती है। हालांकि, यह हर गैस एजेंसी के साथ जरूरी नहीं है। जहां कॉमर्शियल सिलेंडर की मांग अधिक है, वहां उन्हें कम कीमत पर बेचने की जरूरत नहीं पड़ती।
खाली सिलेंडर की जरूरत भी बड़ी वजह
गैस एजेंसी संचालक के अनुसार, कॉमर्शियल सिलेंडर को कम कीमत पर बेचने की एक वजह खाली सिलेंडरों की जरूरत भी हो सकती है। मान लीजिए किसी एजेंसी को एक गाड़ी में 100 घरेलू और 15 कॉमर्शियल सिलेंडर मिलते हैं।
अगली खेप के लिए कंपनी को खाली सिलेंडर वापस करने होते हैं। अगर कॉमर्शियल सिलेंडर बिके ही नहीं, तो खाली सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में कुछ एजेंसियां कॉमर्शियल सिलेंडर पर डिस्काउंट देकर उन्हें बेच सकती हैं, ताकि खाली सिलेंडर वापस किए जा सकें।
कॉमर्शियल सिलेंडर पर एजेंसी को मिलता है ज्यादा मार्जिन
एजेंसी संचालक ने बताया कि कॉमर्शियल सिलेंडर पर घरेलू सिलेंडर की तुलना में मार्जिन अधिक हो सकता है। ऐसे में कुछ रुपये की छूट देने के बावजूद एजेंसी के लिए बिक्री करना फायदे का सौदा हो सकता है। उनके मुताबिक, कुछ मामलों में प्रति सिलेंडर करीब 100-120 रुपये तक का मार्जिन हो सकता है। इसलिए मांग कम होने पर कुछ डिस्काउंट देकर स्टॉक निकालना एजेंसी के लिए संभव होता है।
घरेलू और कॉमर्शियल सिलेंडर में अंतर समझें
यहां यह समझना जरूरी है कि कॉमर्शियल सिलेंडर और घरेलू LPG सिलेंडर अलग श्रेणी के होते हैं। सोशल मीडिया पर कॉमर्शियल सिलेंडर को कम कीमत पर मिलने की जानकारी को देखकर यह मान लेना कि सभी घरेलू गैस सिलेंडर 400-600 रुपये सस्ते हो गए हैं, सही नहीं होगा। इसलिए अगर कहीं कॉमर्शियल सिलेंडर कम कीमत में मिल रहा है तो उसकी वजह स्थानीय स्तर पर उपलब्ध स्टॉक, मांग या एजेंसी द्वारा दी जा रही छूट हो सकती है।
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2 thoughts on “₹600 सस्ता सिलेंडर? जानिए वायरल दावे की सच्चाई”
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