
- उन्हीं की फार्च्यूनर वाहन में हुई सनसनीखेज वारदात
- सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र से तीन दिन पहले अगवा कर बदमाशों ने दिया घटना को अंजाम
- दुबग्गा के सराय प्रेम राज गांव के पास किसान पथ के पास नहर के पास मिला खून से लथपथ शव
- चालक सहित दो आरोपित पुलिस हिरासत में, अन्य बदमाशों की तलाश में पुलिस की छह टीमें गठित
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी की हत्या के करीब छह साल बाद सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र से अगवा कर बदमाशों ने हिंदू वाहिनी के मंडल प्रभारी वीरेंद्र प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर सनसनी फैला दी।
तीन दिन पहले उनकी पत्नी ममता सिंह ने पति के गायब होने की सूचना सुशांत गोल्फ सिटी थाने में लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इससे पहले 18 अक्टूबर 2019 को राजधानी लखनऊ के भीड़भाड़ वाले इलाके में उनके ही कार्यालय में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कमलेश के दफ्तर में दो हमलावर मिठाई के डिब्बे में पिस्टल और चाकू छिपाकर लाए थे और कार्यालय में दाखिल होते ही उनपर गोलियों की बौछार कर मौत की नींद सुला दिया था।
ठीक उसी तर्ज पर उनके ही करीबी चालक साथियों के साथ मिलकर धीरेन्द्र प्रताप सिंह को अगवा कर उन्हीं की फार्च्यूनर वाहन में गोलियों से भून डाला और मौके से भाग निकले। डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक के मुताबिक जांच पड़ताल में सामने आया है कि उन्नाव जिले में जमीन को लेकर कुछ लोगों से काफी दिनों से विवाद चल रहा था। उन्होंने बताया कि आंशका जताई जा रही है इसी रंजिश के चलते उनकी हत्या की गई है।
डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक का कहना है इस मामले में संदेह के आधार पर धीरेन्द्र प्रताप सिंह के चालक सहित दो अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि अन्य साथियों की तलाश में पुलिस की छह टीमें लगाई गई है और उम्मीद है कि हत्यारे जल्द ही पकड़ लिए जाएंगे। पुलिस मामले की छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक मूल रूप से उन्नाव जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र स्थित राजेपुर निवासी धीरेन्द्र प्रताप सिंह हिंदू वाहिनी के मंडल प्रभारी थे और वह पत्नी ममता सिंह के साथ सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में रहते थे। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले धीरेन्द्र प्रताप सिंह अपने चालक के साथ निकले थे लेकिन वह वापस घर नहीं लौटे तो ममता सिंह ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में तहरीर देकर ड्राइवर पर संदेह जताते हुए गायब करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया जा रहा है धीरेन्द्र के साथ दो गनर भी तैनात थे, इनमें से एक की तबीयत खराब होने की बात बताई जा रही है तो दूसरा गनर छुट्टी पर था।
रविवार को दुबग्गा थाना क्षेत्र के सराय प्रेम राज गांव के पास किसान पथ के पास नहर के पास धीरेन्द्र प्रताप सिंह का खून से लथपथ शव पड़ा मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि धीरेन्द्र के शरीर में गोलियों की बौछार मौत के घाट उतारा गया। पुलिस जमीन की रंजिश सहित कई बिंदुओं पर गहनता से छानबीन कर रही है।
,,,,, जमीन के विवाद में की गई धीरेन्द्र प्रताप सिंह की हत्या, पुलिस की जांच पड़ताल में आया सामने,,
हिंदू वाहिनी नेता धीरेन्द्र प्रताप सिंह की हत्या जमीन विवाद को लेकर कराई गई थी। एक पक्ष के लोगों ने धीरेन्द्र की हत्या करने की सुपारी उन्हीं के चालक के जरिए शूटरों को दी थी। पुलिस की अबतक की छानबीन में यही सच उभर कर सामने आ रहा है। पुलिस संदेह के आधार पर चालक सहित दो लोगों को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य बदमाशों की तलाश में जुटी है।
,, ऊंची रसूख रखने वाले थे धीरेन्द्र, दो गनर लेकर चलते थे,,,
,,एक गनर की तबीयत खराब तो दूसरा गनर रहा अवकाश पर यह सवाल फिलहाल हर किसी को बेचैन कर रहा है,,
मूल रूप से उन्नाव निवासी हिंदू वाहिनी नेता धीरेन्द्र प्रताप सिंह को अगवा कर उनकी हत्या करने वाले शूटरों के हुलिया के आधार पर पुलिस का शक उन्हीं के ड्राइवर पर गहरा रहा है। सूत्र बताते हैं कि धीरेन्द्र प्रताप सिंह की बढ़त और उनकी ऊंची पहुंच देख उन्नाव निवासी एक व्यक्ति को अखर रहा था। सूत्र बताते हैं कि इसी रंजिश को लेकर दुश्मनी रखने वालों ने चालक को अपने जाल में फंसाकर धीरेन्द्र प्रताप सिंह को मौत की नींद सुला दिया। जांच पड़ताल में जुटे एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि इससे इन्कार नहीं किया जा सकता, लिहाजा इस मामले में कई बिंदुओं पर गहनता से छानबीन की जा रही है।
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