
Floods in Nepal: नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद हालात अभी सामान्य नहीं हुए हैं। आपदा में मृतकों की संख्या 1127 तक पहुंच गई है, जबकि करीब चार हजार लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने और दोबारा अचानक बाढ़ आने की आशंका के चलते प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
आठ जिलों से मिले बड़ी संख्या में शव
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। सुरक्षाबलों और बचाव दलों ने कई प्रभावित क्षेत्रों से शव बरामद किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक चितवन में सबसे अधिक 321 शव मिले हैं। इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 216, नवलपरासी वेस्ट में 170 और नुवाकोट में 142 शव बरामद किए गए हैं।
गोरखा, धादिंग, रसुवा और तनहुन जिलों में भी बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। कई शवों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। देश के विभिन्न अस्पतालों में अज्ञात शव रखे गए हैं, जिससे परिजनों के लिए अपने लापता रिश्तेदारों की तलाश करना मुश्किल बना हुआ है।
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हजारों लोग अब भी लापता
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार करीब चार हजार लोग अभी लापता हैं। इनमें विदेशी नागरिक और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान करीब 12 हजार लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी दी गई है।
कई पनबिजली परियोजनाओं से जुड़े सैकड़ों कर्मचारियों और कामगारों की तलाश भी जारी है। आशंका है कि कुछ लोग परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे हो सकते हैं। भारत और चीन की विशेषज्ञ टीमें भी नेपाली बचाव दलों के साथ अभियान में सहयोग कर रही हैं।
फिर बढ़ सकता है बाढ़ का खतरा
आपदा के बाद नेपाल के कई हिस्सों में एक बार फिर बाढ़ को लेकर चेतावनी जारी की गई है। नुवाकोट और रसुवा में अचानक बाढ़ का खतरा अधिक बताया गया है। इसके अलावा पूर्वी और मध्य नेपाल के कई जिलों में नदियों और छोटी जलधाराओं का जलस्तर बढ़ने की आशंका है।
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पश्चिमी नेपाल के कई जिलों में भी प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने नदी किनारे और दूसरे संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरी सावधानी बरतने की अपील की है।
21 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी राहत अभियान में
नेपाल सरकार ने खोज और बचाव अभियान के लिए 21 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को मैदान में उतारा है। फंसे हुए लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
बाढ़ के कारण कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। चीन से जुड़ने वाले प्रमुख व्यापार मार्गों पर भी असर पड़ा है। यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कुछ प्रमुख मार्गों पर एकतरफा आवाजाही लागू की गई है। नेपाल में राहत अभियान जारी है, लेकिन मौसम और बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर और बारिश पर लगातार नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है।
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