आज के दौर में फिट रहना सिर्फ पतला दिखने का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह इस बात से जुड़ा है कि हमारा शरीर कितना सक्रिय और संतुलित है। जब उठने-बैठने में ज्यादा मेहनत लगने लगे, थोड़ी सी एक्टिविटी में सांस फूलने लगे, तो यह संकेत होता है कि शरीर का संतुलन बिगड़ रहा है। यही स्थिति धीरे-धीरे मोटापे का रूप ले लेती है, जो आगे चलकर कई गंभीर बीमारियों की वजह बनती है। विशेषज्ञों के मुताबिक मोटापा अब भारत में एक बड़ी हेल्थ वॉर्निंग बन चुका है। पेट के आसपास जमा चर्बी चुपचाप शरीर के अंदर कई समस्याओं को जन्म देती है। यही चर्बी आगे चलकर हाई बीपी, शुगर, फैटी लिवर, दिल की बीमारी और जोड़ों के दर्द जैसी दिक्कतों को बढ़ा सकती है।
बच्चों में तेजी से बढ़ रहा मोटापा
रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में करीब 4 करोड़ बच्चे ओवरवेट हैं, जबकि करीब डेढ़ करोड़ बच्चे ओबीज की श्रेणी में आते हैं। बच्चों में मोटापे के मामलों में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है। 5 साल से कम उम्र के बच्चों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। लगभग 74% किशोर नियमित फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते। केवल 35% बच्चों को स्कूल में खेलने का पर्याप्त मौका मिलता है। हैरानी की बात यह है कि 3 में से सिर्फ 1 बच्चा बिना हांफे दौड़ पाता है।
ये भी पढ़ें
रोजाना कीवी जूस पीने से हो सकते हैं स्वास्थ्य से जुड़े ये जबरदस्त फायदे
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
मोटापे से कैसे मिलेगा छुटकारा
योग गुरु बाबा रामदेव के अनुसार कुछ आसान आदतें अपनाकर वजन को नियंत्रित किया जा सकता है। सुबह खाली पेट नींबू पानी पीना फायदेमंद हो सकता है। लौकी का जूस या सूप वजन घटाने में मददगार माना जाता है। खाने से पहले सलाद जरूर लें। रात में रोटी-चावल से परहेज करें और डिनर 7 बजे से पहले कर लें। खाने के करीब 1 घंटे बाद पानी पीने की सलाह दी जाती है। अदरक-नींबू की चाय भी वजन कम करने में सहायक मानी जाती है।
आयुर्वेदिक उपाय भी हो सकते हैं कारगर
वजन घटाने के लिए आयुर्वेदिक उपाय भी अपनाए जा सकते हैं। रात में 1 चम्मच त्रिफला गर्म पानी के साथ लेने से पाचन बेहतर होता है और वजन नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा 3–6 ग्राम दालचीनी को 200 ग्राम पानी में उबालकर, गुनगुना होने पर उसमें 1 चम्मच शहद मिलाकर पीने से भी लाभ मिल सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मोटापे से बचने के लिए सबसे जरूरी है संतुलित खान-पान, नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो मोटापा कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकता है।
