Heart Health: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बदलती लाइफस्टाइल ने लोगों की नींद का रूटीन भी बिगाड़ दिया है। कई लोग देर रात तक मोबाइल चलाते रहते हैं और रात 1-2 बजे सोने के बाद सुबह देर से उठते हैं। कुछ लोगों का सोने और जागने का समय हर दिन अलग होता है।
भले ही इससे तुरंत कोई परेशानी महसूस न हो, लेकिन लंबे समय तक अनियमित नींद की आदत आपकी सेहत, खासकर दिल की सेहत, पर असर डाल सकती है। सिर्फ इतना ही जरूरी नहीं है कि आप रोज कितने घंटे सोते हैं। आप किस समय सोते हैं, कब जागते हैं और आपकी नींद कितनी अच्छी और पूरी है, ये सभी चीजें महत्वपूर्ण हैं।
फोर्टिस हॉस्पिटल, शालीमार बाग की अतिरिक्त निदेशक, इंटरवेंशन कार्डियोलॉजी और हार्ट फेलियर प्रोग्राम की डॉ. राशि खरे के मुताबिक, लगातार अनियमित नींद शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी को प्रभावित कर सकती है।
क्यों जरूरी है समय पर सोना?
हमारे शरीर में एक प्राकृतिक जैविक घड़ी होती है, जिसे सर्केडियन रिदम कहा जाता है। यह शरीर की नींद-जागने की प्रक्रिया समेत कई महत्वपूर्ण गतिविधियों को नियंत्रित करती है। जब कोई व्यक्ति कभी जल्दी, कभी देर रात और कभी सुबह तक जागता रहता है, तो इससे शरीर की प्राकृतिक लय प्रभावित हो सकती है।
इसका असर नींद की गुणवत्ता के साथ-साथ ब्लड प्रेशर, हार्मोन, तनाव और मेटाबॉलिज्म पर भी पड़ सकता है। लंबे समय तक नींद का रूटीन बिगड़ा रहने से मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। ये सभी स्थितियां आगे चलकर दिल से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।
वीकेंड पर भी नींद का रूटीन न बिगाड़ें
जो लोग नियमित रूप से नाइट शिफ्ट में काम करते हैं, देर रात तक जागते हैं या वीकेंड और छुट्टियों में अपने सोने-जागने का समय काफी बदल देते हैं, उन्हें अपनी स्लीप रूटीन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
ये भी पढें
बिहार में बाढ़ का संकट गहराया, 15 जिलों के 47 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि एक-दो दिन देर से सोने से आपके दिल को नुकसान हो जाएगा। परेशानी तब बढ़ सकती है जब अनियमित नींद लगातार आपकी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन जाए।
रोज सात से नौ घंटे की नींद जरूरी
एक स्वस्थ वयस्क को आमतौर पर रोजाना सात से नौ घंटे की पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लेने की कोशिश करनी चाहिए। इसके साथ ही रोज लगभग एक ही समय पर सोने और जागने की आदत बनाना फायदेमंद हो सकता है।
नींद का रूटीन सुधारने के लिए अपनाएं ये आदतें:
- रोज लगभग एक ही समय पर सोने और जागने की कोशिश करें।
- वीकेंड में भी सोने-जागने के समय में बहुत ज्यादा बदलाव न करें।
- सोने से पहले मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का इस्तेमाल कम करें।
- देर शाम कैफीन वाली चीजों के सेवन से बचें।
- पर्याप्त समय तक लगातार और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लेने की कोशिश करें।
कुल मिलाकर, अच्छी नींद सिर्फ शरीर को आराम देने के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए भी जरूरी है। इसलिए देर रात तक मोबाइल चलाने या लगातार बदलते स्लीप रूटीन को अपनी आदत न बनने दें। एक नियमित नींद का समय आपकी ओवरऑल हेल्थ के साथ-साथ दिल की सेहत के लिए भी बेहतर हो सकता है।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
बुंदेलखंड के खूंखार डाकू की कहानी, अरशद वारसी और प्रतीक गांधी ने जीता दिल
बिहार में बाढ़ का संकट गहराया, 15 जिलों के 47 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
अमावस्या-पूर्णिमा पर राजघाट नरौरा जाना होगा सरल, अलीगढ़ से चलेगी ट्रेन
‘बिग बॉस 20’ को मिला पहला कैप्टन, कनिका मान की बढ़ाई मुश्किलें
वंदे मातरम पर कांग्रेस से भिड़े उमर अब्दुल्ला, बोले- क्या कश्मीरियों को जेल भेजना है?

One thought on “समय पर न सोना दिल के लिए खतरनाक”
Comments are closed.