Patna: बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ का पानी फैलने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। अब तक प्रदेश के 15 जिलों के 88 प्रखंडों और 561 पंचायतों में 47 लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया गया है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों तक भोजन, पेयजल, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। गंगा, गंडक, कोसी और सोन नदियों के कारण कई क्षेत्रों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। सड़क संपर्क प्रभावित होने वाले इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए नावों और स्थानीय संसाधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
1194 सामुदायिक रसोई से लाखों लोगों को भोजन
बाढ़ के बीच प्रभावित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई की व्यवस्था बढ़ाई गई है। राज्य में अब करीब 1194 कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं। इनके जरिए लगभग 52 लाख लोगों को दो वक्त का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
ये भी पढें
सरकार ने जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी बाढ़ प्रभावित परिवार को भोजन की कमी नहीं होनी चाहिए। जरूरत वाले क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई की संख्या और बढ़ाने की तैयारी भी की जा रही है, ताकि दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों तक भी समय पर भोजन पहुंच सके।
पशुओं के लिए चारे और दवाओं की व्यवस्था
बाढ़ का असर केवल लोगों पर ही नहीं, बल्कि पशुधन पर भी पड़ा है। कई इलाकों में पशुओं के लिए चारे की समस्या सामने आ रही है। इसे देखते हुए संबंधित विभागों को प्रभावित क्षेत्रों में हरा और सूखा चारा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पशुओं को संक्रमण और बीमारियों से बचाने के लिए जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ पशु चिकित्सा टीमों को भी सक्रिय किया जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि बाढ़ के कारण पशुधन को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
ये भी पढें
बुंदेलखंड के खूंखार डाकू की कहानी, अरशद वारसी और प्रतीक गांधी ने जीता दिल
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विशेष सतर्कता
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों का खतरा बढ़ने के कारण स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट किया गया है। प्रभावित इलाकों में जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने और जरूरत के अनुसार मेडिकल टीम भेजने पर जोर दिया जा रहा है। जलभराव वाले क्षेत्रों में डायरिया, बुखार, त्वचा संबंधी संक्रमण और अन्य जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है। लोगों को साफ पानी और स्वच्छता का ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।
इन जिलों में बाढ़ का ज्यादा असर
बाढ़ से प्रभावित जिलों में बक्सर, भोजपुर, पटना, वैशाली, सारण, बेगूसराय, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, भागलपुर, मधेपुरा, समस्तीपुर और अरवल शामिल हैं।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
भारत-अफगानिस्तान सीरीज से पहले टीम इंडिया में बड़ा बदलाव
‘बिग बॉस 20’ को मिला पहला कैप्टन, कनिका मान की बढ़ाई मुश्किलें
अमावस्या-पूर्णिमा पर राजघाट नरौरा जाना होगा सरल, अलीगढ़ से चलेगी ट्रेन
