
नेपाल में भीषण बाढ़ और अचानक आई फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। कई इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ से अब तक 626 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,924 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 320 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
भोटेकोशी नदी में फिर बढ़ा जलस्तर
बाढ़ प्रभावित भोटेकोशी नदी और आसपास के इलाकों में एक बार फिर खतरे के संकेत मिले हैं। अधिकारियों के मुताबिक नदी में पानी के साथ कीचड़ का बहाव बढ़ रहा है, जिससे दोबारा बाढ़ आने की आशंका पैदा हो गई है। प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों और बचाव दलों को सतर्क रहने की सलाह दी है। संभावित खतरे को देखते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
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हजारों लोग अब भी लापता
अचानक आई बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग अब तक लापता हैं। इनमें सुरक्षाकर्मी, विदेशी पर्यटक और नेपाली यात्री भी शामिल हैं। राहत टीमें नदी किनारे, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और दुर्गम इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। जिन स्थानों तक सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल है, वहां हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है।
4,451 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
बचाव अभियान के दौरान अब तक 4,451 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इनमें भारतीय नागरिकों समेत कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। विभिन्न हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे 191 लोगों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है। घायलों को स्थानीय अस्पतालों के साथ-साथ काठमांडू के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

320 भारतीयों से संपर्क नहीं
भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक नेपाल में बाढ़ के बाद करीब 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है। भारतीय अधिकारियों की ओर से इन लोगों की जानकारी जुटाने और उनका पता लगाने के प्रयास जारी हैं। वहीं चीन की ओर फंसे करीब 400 भारतीयों के सुरक्षित होने की जानकारी दी गई है। इनमें से 96 भारतीय सड़क मार्ग से नेपाल पहुंच चुके हैं, जबकि 21 भारतीयों को नई दिल्ली लाया गया है।
7,451 सुरक्षाकर्मी बचाव में जुटे
नेपाल में राहत और बचाव अभियान को बड़े स्तर पर चलाया जा रहा है। कुल 7,451 सुरक्षाकर्मी प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं, जिनमें नेपाल सेना के 2,391 जवान शामिल हैं। जमीनी टीमों के साथ हेलीकॉप्टरों के जरिए भी फंसे लोगों को निकालने और प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने का काम जारी है।
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चीन की चेतावनी से बढ़ी चिंता
बाढ़ के बीच चीन की ओर से भी खतरे को लेकर चेतावनी जारी की गई है। अधिकारियों के अनुसार, दो नदियों के संगम के पास एक बड़ी अवरोधक झील बन गई है, जिसमें करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा है। आने वाले दिनों में जलस्तर बढ़ने से झील टूटने और अचानक बाढ़ आने का खतरा जताया गया है।
भारत ने भेजी राहत सामग्री
नेपाल में राहत कार्यों के लिए भारत ने भी मदद बढ़ाई है। भारतीय पक्ष की ओर से सैन्य परिवहन विमानों के जरिए 57.5 टन आपातकालीन राहत सामग्री भेजी गई है। इसके साथ ही 11 सदस्यीय मेडिकल एवं पैरामेडिकल टीम और सुरंगों में फंसे लोगों के बचाव के लिए विशेषज्ञ दल भी नेपाल भेजे गए हैं। भारत सरकार नेपाल और चीन के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।
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