
Chitrakoot: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में मंदाकिनी नदी के बढ़े जलस्तर ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों की चिंता बढ़ा दी है। नदी का पानी तिरहार क्षेत्र में यमुना की दिशा में बढ़ रहा है, जिससे राजापुर, पहाड़ी और सरधुवा क्षेत्र के नदी किनारे बसे 50 से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है।
शनिवार रात से रविवार सुबह तक नदी के बढ़ते पानी को लेकर ग्रामीणों में डर का माहौल रहा। कई गांवों में लोग रातभर जागकर पानी की स्थिति पर नजर रखते रहे। ग्रामीणों को आशंका थी कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो पानी घरों और गांव के अन्य हिस्सों तक पहुंच सकता है।
45 ग्रामीणों का सुरक्षित रेस्क्यू
बाढ़ के पानी में रमयापुर, पनौटी और चौरा गांव के कुछ लोग फंस गए थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस और NDRF की टीम मौके पर पहुंची और अभियान चलाकर करीब 45 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू किए गए लोगों में रमयापुर की एक गर्भवती महिला भी शामिल थीं।
ये भी पढें
राष्ट्रीय खेल दिवस पर 22 वीं वाहिनी SSB ने निकाली साइकिल रैली, दिया फिटनेस का संदेश
बताया गया कि रमयापुर निवासी रिंकी देवी भी अचानक बढ़े पानी के कारण फंस गई थीं। पानी तेजी से बढ़ता देखकर वह काफी घबरा गईं। समय रहते पुलिस और एनडीआरएफ की टीम वहां पहुंची और उन्हें सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उनकी हालत सामान्य बताई गई।
कई गांवों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
मंदाकिनी में पानी बढ़ने के कारण तिरहार क्षेत्र के कई गांव प्रभावित हुए हैं। कलवारा खुर्द, बुजुर्ग, मानपुर, अरछा बरेठी, अर्की, चौरा, सरधुवा, कहेटा, मकरी और पहरा समेत कई गांवों के आसपास पानी पहुंच गया है। कुछ ग्रामीण मार्गों पर भी पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
पनौटी-लोहदा मार्ग को सुरक्षा के लिहाज से बंद कर दिया गया है। वहीं अर्की-सरधुवा मार्ग पर भी पानी भरने की स्थिति सामने आई है। प्रशासन ने इस रास्ते को फिलहाल खुला रखा है, लेकिन ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर नाव के जरिए लोगों को नदी पार कराया जा रहा है।
ये भी पढें
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
प्रशासन की टीमें लगातार नदी के जलस्तर और प्रभावित गांवों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। एसडीएम राजापुर पूजा गुप्ता के अनुसार, पनौटी, रमयापुर और चौरा के कुछ पुरवों में पानी पहुंचने की सूचना मिलने पर पुलिस और एनडीआरएफ की टीम को भेजा गया था। सभी फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रभावित ग्रामीणों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, नदी के किनारे और पानी से भरे रास्तों पर जाने से बचें। किसी भी तरह की आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है।
रेल यातायात हुआ सामान्य
उधर, मध्य प्रदेश के सीमावर्ती सतना क्षेत्र में बारिश के बाद मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर ट्रैक में भरा पानी भी अब उतर गया है। मानिकपुर-सतना रेलखंड के मारकुंडी-खुटहा के बीच पानी भरने से करीब पांच घंटे तक रेल यातायात प्रभावित रहा था। पानी कम होने के बाद ट्रेनों को पहले सीमित गति से चलाया गया। रविवार को ट्रैक से पानी पूरी तरह हटने के बाद रेल परिचालन सामान्य हो गया।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
बाल्टी के सहारे मुस्लिम भाई को राखी बांधने पहुंचीं बहन
बाढ़ का खतरा भांप शिक्षक ने खाली कराया स्कूल, 1643 बच्चों की बची जान
मलिहाबाद में शुक्रवार से लापता युवक की संदिग्ध हालात में मौत, हत्या किए जाने की आंशका


One thought on “चित्रकूट में बाढ़ का खौफ! मंदाकिनी का बढ़ा जलस्तर, 50 गांव अलर्ट पर”
Comments are closed.