आगामी फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के शीर्षक को बदलने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि फिल्म के शीर्षक में ऐसा कोई शब्द, विशेषण या अभिव्यक्ति नहीं है जो यादव समुदाय के खिलाफ नकारात्मक या अपमानजनक अर्थ प्रस्तुत करती हो। याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया था कि फिल्म का शीर्षक एक विशेष समुदाय की भावनाओं को आहत कर सकता है।
ये भी पढ़ें
इजरायल में मोदी, जापान में योगी: कूटनीति से निवेश तक भारत की बहुआयामी पहल
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और कहा कि शीर्षक से किसी समुदाय की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचने का प्रथम दृष्टया कोई आधार नहीं बनता। अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भारतीय लोकतंत्र का मूल आधार है और इस मामले में भारतीय संविधान के तहत प्रदत्त अधिकारों पर प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता नहीं है। न्यायालय के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 19(2) के तहत उचित प्रतिबंध लगाने की शर्तें इस मामले में लागू नहीं होतीं। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद फिल्म के शीर्षक में बदलाव की मांग स्वतः निरस्त हो गई है और फिल्म अपने मूल नाम के साथ रिलीज़ का रास्ता साफ करती नजर आ रही है।
