#UrduLiterature

Poet Bashir Badr
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नहीं रहे बद्र, अब कौन कहेगा– ‘चराग़ों को आंखों में महफ़ूज़ रखना, बड़ी दूर तक रात ही रात होगी’

सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा इतना मत चाहो उसे वो बेवफ़ा हो जाएगा कितनी सच्चाई से मुझ से ज़िंदगी ने कह दिया तू नहीं मेरा तो कोई दूसरा हो जाएगा! Poet Bashir Badr मशहूर उर्दू शायर बशीर बद्र ने आज कुर्बानी के लिए मशहूर ईद-उल-अजहा के दिन दुनिया को अलविदा कहा। बशीर का […]

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लखनऊ तिरछी नज़र: तवायफ़ी सीजफायर, नमाज़ बख्शवाने निकली थी, रोज़े गले पड़े

(एक लघुकथा बकलम मीर मुंशी जी) लखनऊ में नवाब नसीरुद्दीन हैदर का ज़माना चल रहा था। तवायफ़ी, कबूतरबाज़ी, मुर्ग़बाज़ी आदि अपनी चरम पे थी। लखनऊ की हवा में एक अज़ब सी रवानगी थी। इन्ही दिनों लखनऊ में दो रईस नवाब सलमान अली और नवाब शाहरुख ख़ान के बड़े चर्चे थे। दोनों ही बड़े रईस शौकीन […]

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