- पोलिंग बूथ पर लगी युवाओं की लंबी-लंबी कतारे
- महिलाओं ने भी भरपूर उत्साह से लिया हिस्सा
आशीष द्विवेदी
बिहार चुनाव के में हो रही बंपर वोटिंग से ये तो तय हो गया है कि यह चुनाव GEN Z और महिलाओं के बीच आकर ठहर गया है। GEN Z बिहार में बदलाव चाहता है और महिला नीतीश को बनाए रखाना चाहती है! GEN Z के साथ बाप है और बेटी मॉ के साथ है। वैसे वोटिंग से पहले महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने महिलाओं को एकमुश्त 30 हजार रुपए देने का ऐलान कर महिला वोटरों में सेंधमारी करने की कोशिश कर दी है। खैर इतना तो साफ हो गया है कि बिहार चुनाव बहुत मौजू दौर पर पहुंच चुका है। वादों की भरमार के बीच सवेरे से ही मतदान केन्द्रों पर जिस तरह GEN Z की भारी भागीदारी दिख रही है उससे इतना तो पता चल ही रहा है कि GEN Z की भारी भागीदारी बिहार में कुछ न कुछ चमत्कार तो दिखाएगी ।
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बिहार विधानसभा चुनाव में वोटिंग से ठीक पहले तेजस्वी ने बदलाव का नारा देते हुए मास्टरस्ट्रोक चल दिया है और कई बड़े वादे किए हैं। तेजस्वी ने कहा कि सरकार बनने पर माई-बहन मान योजना के तहत पात्र महिलाओं को तीस हजार की एकमुश्त राशि दी जाएगी। किसानों को धान पर तीन सौ और गेहूं पर चार सौ रुपए प्रति क्विंटल बोनस, मुफ्त सिंचाई बिजली और बिजली बिल माफी मिलेगी। अब देखना वाली बात ये होगी कि इस बादले के बाद पोलिंग स्टेशन पर महिलाएं तेजस्वी के कितना करीब आती हैं।
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वैसे बीजेपी के लिए नीतीश का बतौर मुख्यमंत्री घोषित न करना भी घातक हो सकता है। राजनैतिक विश्लेषक भी कहते हैं कि कम से कम बिहार में नीतीश की छवि एक ईमानदार नेता की है और इस बार चुनावों में वह चेहरा ही नहीं दिखा और दिखा भी तो बहुत कम। वैसे पिछले 25 सालों के दौरान यह पहला ऐसा चुनाव है जब नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करके चुनाव नहीं लड़ा गया। इस दौरान 2015 को छोड़कर जब नीतीश महागठबंधन का चेहरा थे, हर बार नीतीश कुमार एनडीए की ओर से सीएम का चेहरा बनकर पेश किए जाते रहे। यह पहला चुनाव है जब जनता से पहले स्वयं एनडीए ही ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री का चेहरा के तौर पर नकार दिया जबकि नीतीश को नेतृत्व से हटाया नहीं जा सका। ऐसे में मतदाताओं का व्यवहार क्या रहने वाला है? क्या वे यह जानकर भी कि अब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे, एनडीए के लिए वोट करेंगे- यह बड़ा सवाल है और मतदान से ठीक पहले इसकी समीक्षा की आवश्यकता दिखती है।
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वहीं युवाओं के बीच सांसद इमरान प्रतापगढ़ी भी बेहद लोकप्रिय रहे हैं उनको सुनने वाली भीड़ में सबसे ज्यादा युवा ही थे। इसके अलावा राहुल गांधी एक बेहद सधे हुए तरीके से बेरोजगारी और नौकरी के मुद्दे और पेपर लीक जैसी घटनाओं को लेकर युवाओं के दिल में उतरने की कवायद करते रहे। राहुल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि, ‘बिहार के मेरे युवा साथियों, मेरे Gen-Z भाइयों और बहनों, कल का दिन सिर्फ़ मतदान का दिन नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य की दिशा तय करने का दिन है। आपमें से कई पहली बार वोट डालने जा रहे हैं – यह सिर्फ़ आपका अधिकार नहीं, बल्कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है।
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आपने देखा, हरियाणा में किस तरह भयंकर वोट चोरी का खेल खेला गया। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ – हर जगह इन लोगों ने जनता की आवाज़ दबाने की कोशिश की। अब इनकी नज़र बिहार पर है, आपके वोट पर, आपके भविष्य पर। कल बड़ी संख्या में अपने मतदान केंद्र पहुँचिए, महागठबंधन के अपने प्रत्याशी को वोट दीजिए। बूथ पर हो रही हर साजिश, हर हेरफेर पर सतर्क रहिए – लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत, जागरूक जनता होती है। बिहार का भविष्य आपके हाथ में है – “वोट चोरी, सरकार चोरी” की इस साजिश को हराइए। इसके अलावा प्रियंका भी GEN Z के बीच बेहद लोकप्रिय रही हैं। अब देखने वाली बात ये है होगी कि वोटिंग के लिए उमड़ी युवाओं और महिलाओं की भीड़ किसके साथ जाती है। इतना तो तय है कि ये वोटर जहां भी झुका सरकार पर वही काबिज होगा।
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