Jitiya Vrat 2026: पूजा में भूलकर भी न करें ये तीन गलतियां

Jitiya Vrat 2026

जितिया या जीवित्पुत्रिका व्रत को संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना से जुड़ा महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। इस दिन कई महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं और शाम के समय भगवान जीमूतवाहन की पूजा करती हैं। धार्मिक परंपराओं के अनुसार व्रत के दौरान पूजा-पाठ के साथ कुछ नियमों का पालन भी किया जाता है। ऐसे में आज शाम पूजा के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए, आइए जानते हैं।

व्रत के दौरान पानी पीने से बचें

जितिया व्रत को परंपरागत रूप से निर्जला व्रत माना जाता है। इसलिए व्रत शुरू करने के बाद जल और भोजन ग्रहण नहीं किया जाता। पूजा के दौरान आचमन या कुल्ला करते समय अनजाने में पानी निगलने से सावधान रहने की सलाह दी जाती है।

ये भी पढें

BSF कार्रवाई में दो पाकिस्तानी नागरिकों की मौत, भारत के प्रभारी राजदूत तलब

 

पूजा के लिए रखा गया जल भगवान को अर्पित करने या अर्घ्य देने के लिए होता है। हालांकि, यदि किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है या लंबे समय तक निर्जल रहने में दिक्कत होती है, तो स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय सलाह को प्राथमिकता देना जरूरी है।

केवल भगवान जीमूतवाहन की पूजा करके न उठें

जितिया व्रत की पूजा में भगवान जीमूतवाहन की आराधना का विशेष महत्व बताया गया है। इसके साथ ही परंपरा में चील और सियारिन की कथा सुनने या पढ़ने का भी उल्लेख मिलता है। मान्यता के अनुसार, चील और सियारिन ने भी यह व्रत रखा था। कथा के जरिए व्रत के महत्व और इसके नियमों को समझाया जाता है। इसलिए पूजा के दौरान केवल पूजा सामग्री अर्पित करके उठने के बजाय व्रत की कथा का श्रवण करने की परंपरा भी निभाई जाती है।

Untitled 20 copy

पारण के समय का रखें विशेष ध्यान

जितिया व्रत में जितना महत्व उपवास और पूजा का माना जाता है, उतना ही महत्व पारण का भी बताया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत का पारण निर्धारित शुभ समय के अनुसार करना चाहिए। जल्दबाजी में समय से पहले पारण करने से बचें। वहीं निर्धारित समय निकल जाने के बाद भी पारण को टालना उचित नहीं माना जाता। पारण से पहले भगवान को भोग लगाने और इसके बाद सात्विक भोजन ग्रहण करने की परंपरा है।

ये भी पढें

दृश्यम 3 के शो में बवाल, फिल्म शुरू होने में देरी पर भड़के दर्शक

 

व्रत के दिन इन बातों का भी रखें ध्यान

जितिया व्रत के दिन मन को शांत रखने और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने की सलाह दी जाती है। इस दौरान किसी से अनावश्यक विवाद या बहस करने से बचना चाहिए। किसी के लिए अपशब्द बोलने या मन में नकारात्मक भाव रखने से भी बचने की परंपरा है। पूजा के दौरान श्रद्धा और संयम बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है। महिलाएं भगवान जीमूतवाहन से अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हैं।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढें

दृश्यम 3 के शो में बवाल, फिल्म शुरू होने में देरी पर भड़के दर्शक

गोरखपुर में सपा की बैठक में हंगामा, कुर्सी को लेकर पूर्व जिलाध्यक्ष से विवाद

UP Transfer News: योगी सरकार ने किए 38 IAS-PCS अफसरों के तबादले

 

 

Spread the love

Lucknow
homeslider Religion

गुरु रामदास जयंती कल 

Lucknow: सिख धर्म के चौथे गुरु रामदास जी की जयंती शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। इस अवसर पर गुरुद्वारों में विशेष धार्मिक कार्यक्रम, कीर्तन, अरदास और लंगर का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालु गुरु रामदास जी के जीवन और उनकी शिक्षाओं को याद करते हुए मानव सेवा, विनम्रता और भाईचारे का संदेश […]

Spread the love
Read More
New Delhi
homeslider Religion

कैसे पहचानें कि दैवीय शक्ति आपकी मदद कर रही हैं

इन तीन संकेतों से कर सकते हैं आभास New Delhi: दुनिया में बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्हें उनके जीवन में दैवीय सहायता मिलती है। किसी को ज्यादा तो किसी को कम। कुछ तो ऐसे हैं। जिनके माध्यम से दैवीय शक्तियां अच्छा काम करवाती हैं। सवाल यह उठता है कि आम व्यक्ति कैसे पहचानें कि […]

Spread the love
Read More
New Delhi
homeslider Religion

पितृदोष और ग्रह बाधा निवारण के लिए जपिए यह मंत्र

New Delhi: सनातन धार्मिक मान्यताओं में भगवान हनुमान को संकटमोचन और भक्तों के कष्ट हरने वाला माना गया है। धार्मिक आस्था के अनुसार, हनुमान जी की नियमित उपासना से जीवन में आने वाली बाधाओं और नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिल सकती है। पितृदोष और ग्रह दोष से परेशान लोगों के लिए भी हनुमान जी की […]

Spread the love
Read More