
Ahmedabad factory explosion : गुजरात के अहमदाबाद में शनिवार को एक अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस दर्दनाक हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हो गए। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसकी आवाज लगभग पांच किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। यह हादसा अहमदाबाद के वस्त्राल इलाके में रामोल-गतराड रोड स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई में हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित की जा रही थी और वहां सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। आशंका जताई जा रही है कि विस्फोट पटाखों के निर्माण या भंडारण के दौरान हुआ, जिसके बाद फैक्ट्री में भीषण आग लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना जोरदार था कि फैक्ट्री की इमारत का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। विस्फोट के कारण कई श्रमिक इसकी चपेट में आ गए। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि धमाके में कई श्रमिकों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
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सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया। पुलिस, प्रशासन और आपदा राहत दल ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान चलाया। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में से चार लोगों को एलजी अस्पताल, जबकि तीन घायलों को असरवा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य घायलों का भी विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री बिना आवश्यक अनुमति के संचालित की जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि फैक्ट्री में कितनी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखी गई थी और सुरक्षा नियमों का किस हद तक उल्लंघन किया गया। यदि लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और आम लोगों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। यह हादसा एक बार फिर अवैध पटाखा फैक्ट्रियों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे उद्योगों में सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन और नियमित निरीक्षण ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने का प्रभावी उपाय हो सकता है।
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