कारागार विभाग में “गांधी प्रेम” का जोर, मलाईदार कुर्सियों पर दागियों का जोर

Transfers

जेल विभाग के ट्रांसफर पोस्टिंग में प्रमुख सचिव ने की जमकर वसूली!

वरिष्ठ अधीक्षक की जेलों पर अधीक्षक और अधीक्षक की जेलों पर वरिष्ठ अधीक्षकों की तैनाती

प्रमुख सचिव कारागार ने जमकर उड़ाई स्थानांतरण नीति की धज्जियां

एक साल पहले स्थानांतरित किए गए अधीक्षकों के कर दिए तबादले

राकेश यादव

Transfer न बाप बड़ा न भईया सबसे बड़ा रुपैया…यह कहावत प्रमुख सचिव कारागार पर एकदम फिट बैठती है। अकूत चल अचल संपत्ति होने के बावजूद प्रमुख सचिव कारागार को ट्रांसफर पोस्टिंग के खेल के लिए दागी जेल अधीक्षकों को मोहरा बनाकर मलाईदार पदों का दायित्व सौंपा गया है। प्रमुख सचिव के इस खेल के बोझ दे दबे कारागार विभाग के विभागाध्यक्ष सिर्फ मूकदर्शक बनाकरवाह गए हैं। कारागार विभाग में ट्रांसफर पोस्टिंग का खेल की चर्चा विभागीय अधिकारियों और शासन में खूब हो रही है।

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बीती 30 मई 2026 को प्रमुख सचिव कारागार के निर्देश पर अनु सचिव ममता श्रीवास्तव ने देर शाम एक दर्जन जेल अधीक्षकों की तबादला सूची जारी की। इसमें इसमें उन्नाव जेल अधीक्षक को वरिष्ठ अधीक्षक की अलीगढ़ जेल पर स्थानांतरित किया गया। इसी प्रकार बीते स्थानांतरण सत्र के बीच में मोटी रकम देकर बांदा से मुरादाबाद जेल गए अधीक्षक आलोक सिंह को मुरादाबाद से सहारनपुर जेल स्थानांतरी कर दिया गया। सूत्रों का कहना है मुरादाबाद जेल में लूट मचाकर अपने कथित गृहजनपद देहरादून में आलीशान होटल/ रिसोर्ट का निर्माण कराया है। रिटायरमेंट के बाद देहरादून में बसने और सहारनपुर जेल में रहकर इस रिसोर्ट का और भव्य बनवाने के लिए उन्होंने अपना तबादला मोटी रकम देकर सहारनपुर जेल पर कराया है। मनमाफिक कमाऊ जेल पर हुआ यह तबादला विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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इसी प्रकार सत्तारूढ़ नेताओं के बेहद करीबी माने जाने वाले कांसगंज जेल अधीक्षक राजेश कुमार सिंह के कानपुर और बुलंदशहर जाने के मंसूबों पर पानी जरूर फिर गया। इसके बाद भी एक साल पहले तैनात किए गए अधीक्षक राजेश कुमार सिंह को कासगंज से बिजनौर जेल स्थानांतरित किया गया है। इसी प्रकार एक साल पहले गाजीपुर से सहारनपुर जेल स्थानांतरित किए गए अधीक्षक सत्य प्रकाश को सहारनपुर से हटाकर आजमगढ़ जेल भेज दिया गया। इस प्रकार बिजनौर में कार्यकाल पूरा कर चुकी अदिति श्रीवास्तव के लखनऊ जाने के मंसूबों पर पानी फिर गए फिर भी उन्हीं पश्चिम की कमाऊ कही जाने वाली बागपत जेल पर भेजा गया है। एक साल पहले रामपुर से बागपत जेल पहुंचे प्रशांत मौर्य को उरई जेल स्थांतरित किया गया है। वरिष्ठ अधीक्षक बृजेन्द्र कुमार सिंह को अलीगढ़ से मुरादाबाद और मुख्यालय से बांदा संबद्ध किए गए शशिकांत सिंह को बांदा जेल पर ही समायोजित कर दिया है। इसी प्रकार ललितपुर से निलंबित हुए मुकेश कुमार को अयोध्या, विजय कुमार राय को बलरामपुर और पवन कुमार त्रिवेदी को केंद्रीय कारागार नैनी से जौनपुर जेल स्थानांतरित किया गया है। सूत्रों का कहना है इन बेतरतीब तरीके से हुए तबादलों में जमकर वसूली की गई है। सिंचाई जैसे भारी भरकम विभाग के साथ कारागार विभाग का अतिरिक्त प्रभार संभालने वाले प्रमुख सचिव वसूली का कोई मौका छोड़ना नहीं चाह रहे हैं। नोएडा अथॉरिटी का चेयरमैन होने के समय में भ्रष्टाचार में लिप्त इस अधिकारी के खिलाफ स्थानीय लोगों ने बवाल मचाया था। लोगो ने हस्तक्षेप का किसी तरह से मामले को शांत कराया था। ट्रांसफर पोस्टिंग के संबंध में जब प्रमुख सचिव कारागार अनिल गर्ग से बात करने का प्रयास किया तो इनके फोन ही नहीं उठे। प्रमुख सचिव के निजी सचिव अमित गुप्ता ने तो रिपोर्टर का फोन ही ब्लॉक कर दिया।

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तीन साल वाले अधीक्षक जमे एक साल वाले हटाए गये

तीन से साढ़े तीन साल से एक ही जेल लूट मचाने वाले जेल अधीक्षकों के तबादले नहीं किए गए जबकि एक साल पहले पिछले स्थानांतर सत्र में नई जेलों पर भेजे गए अधीक्षकों को स्थानांतरित कर दिया गया। आगरा जिला जेल में लूट मचाने को लेकर सुर्खियां बटोरने वाले अधीक्षक हरिओम शर्मा को स्थानांतरित नहीं किया गया। इसी प्रकार झांसी जेल में बंदियों से उगाही और जुआं खिलाने को लेकर चर्चा में रहने वाले अधीक्षक विनोद कुमार को भी नहीं हटाया गया। इसी प्रकार एक साल पहले स्थानांतरित होकर सहारनपुर जेल पहुंचे अधीक्षक सत्य प्रकाश और प्रशांत मौर्य को स्थानांतरित कर अन्य जेलों पर भेज दिया गया। इसी प्रकार कांसगंज जेल में बंदियों के उत्पीड़न और बेतहाशा वसूली को लेकर सुर्खियों में रहने वाले अधीक्षक राजेश कुमार सिंह को एक साल बाद ही हटाकर बिजनौर जेल भेज दिया। यह तबादले इस बात को प्रमाणित करते है कि कारागार विभाग में सरकार के स्थानांतरण नीति की जमकर धज्जियां उड़ाई गई है।

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रिटायर होने वाले अधिकारी और कर्मी का कर दिया तबादला

कारागार विभाग के तबादलों में सरकार के स्थानांतरण नीति की इस कदर धज्जियां उड़ाई गई कि इस विभाग में स्थानांतरण नीति को देखा ही नहीं जाता है। यही वजह है कि इस विभाग के अधिकारियों 31 मई 2026 और 30 जून 2026 को सेवानिवृत होने वाले अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों तक के तबादले कर दिए। मिली जानकारी के मुताबिक बागपत जेल में तैनात हेड वार्डर राम प्रकाश यादव को 31 मई 2026 को सेवानिवृत होना था। बीती 15 मई को परिक्षेत्र डीआईजी की वार्डर और हेड वार्डर की तबादला सूची में हेड वार्डर का तबादला बागपत जेल से मेरठ जेल कर दिया गया। यह हेड बॉर्डर 31 मई (आज) सेवानिवृत हो गया। इसी प्रकार मुरादाबाद जेल पर तैनात जेलर 30 जून 2026 को सेवानिवृत हो रहे है। एआईजी प्रशासन ने आंख बंद इनका तबादला बागपत जेल पर कर दिया। सूत्रों का कहना है एआईजी प्रशासन ने तबादलों में जमकर लूट मचाई है।

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