दिल से जुड़ी बीमारियां आज के समय में तेजी से बढ़ रही हैं और हार्ट अटैक के मामलों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर डॉ. अशोक सेठ ने इसके प्रमुख कारणों और बचाव के उपायों पर प्रकाश डाला है। विशेषज्ञों के अनुसार, हार्ट अटैक अचानक नहीं होता, बल्कि यह लंबे समय से चल रही स्वास्थ्य समस्याओं का परिणाम होता है। इसमें सबसे बड़ा कारण हाई कोलेस्ट्रॉल को माना गया है। जब खराब कोलेस्ट्रॉल नसों में जमा होने लगता है, तो यह रक्त प्रवाह को बाधित करता है, जिससे दिल तक ऑक्सीजन सही तरीके से नहीं पहुंच पाती। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर भी एक प्रमुख कारण है। लगातार बढ़ा हुआ रक्तचाप दिल पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे हार्ट फेल होने का खतरा बढ़ जाता है।
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मोटापा भी एक बड़ा जोखिम कारक है। शरीर में अधिक वसा जमा होने से न सिर्फ दिल पर दबाव बढ़ता है, बल्कि नसों में सूजन और ब्लॉकेज की समस्या भी हो सकती है। डायबिटीज के मरीजों में हार्ट अटैक का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में अधिक होता है। बढ़ा हुआ ब्लड शुगर शरीर के कई अंगों को प्रभावित करता है, जिसमें दिल भी शामिल है। मानसिक तनाव और गुस्सा भी हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ाते हैं। अधिक तनाव से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जो दिल के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। अगर परिवार में किसी को पहले दिल की बीमारी रही है, तो ऐसे लोगों को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है।
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