आजकल की व्यस्त जीवनशैली, घंटों तक बैठकर काम करना और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण पीठ दर्द एक आम समस्या बनती जा रही है। कई लोग इसे सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक बना रहने वाला पीठ दर्द शरीर के साथ-साथ दिमाग पर भी असर डाल सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार दुनिया भर में लगभग 60 करोड़ लोग किसी न किसी रूप में पीठ दर्द से परेशान हैं। योग गुरु के अनुसार जब बैक पेन लंबे समय तक बना रहता है, तो शरीर के टिशू ठीक होने के बाद भी दिमाग दर्द के संकेत भेजता रहता है। इससे धीरे-धीरे व्यक्ति के सोचने और महसूस करने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।
स्पॉन्डिलाइटिस क्या है
पीठ दर्द का एक प्रमुख कारण स्पोंडिलाइटिस भी हो सकता है। इस स्थिति में रीढ़ की हड्डी के वर्टिब्रा में सूजन आ जाती है, जिससे कमर और गर्दन में तेज दर्द होता है। गंभीर स्थिति में यह दर्द शरीर के अन्य अंगों पर भी दबाव डाल सकता है।
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कमर दर्द से बचाव के उपाय
विशेषज्ञों के अनुसार काम करते समय सही मुद्रा बनाए रखना बेहद जरूरी है। लैपटॉप को गोद में रखकर काम करने से बचें और हमेशा मेज या डेस्क का उपयोग करें। बैठते समय पैरों को जमीन पर टिकाकर रखें, कमर सीधी रखें और कंधों को झुकने न दें। इसके अलावा हर एक घंटे के काम के बाद 5 मिनट का ब्रेक लेना चाहिए। इस दौरान हल्का स्ट्रेचिंग या सूक्ष्म व्यायाम करना शरीर के लिए फायदेमंद होता है।
साइटिका और कंधे के दर्द में राहत
पीठ दर्द से जुड़ी समस्या जैसे साइटिका में घरेलू उपाय भी मददगार हो सकते हैं। हल्दी वाला दूध, अदरक की चाय, शहद और तिल के तेल से हल्की मालिश करने से दर्द में राहत मिल सकती है।
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हड्डियों को मजबूत बनाने के उपाय
विशेषज्ञों के अनुसार हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए संतुलित आहार जरूरी है। गुनगुने पानी में सेब का सिरका, अदरक-दालचीनी की चाय, गिलोय का काढ़ा और एलोवेरा जूस जैसे आयुर्वेदिक उपाय शरीर को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नियमित योग, संतुलित आहार और सही दिनचर्या अपनाकर पीठ दर्द की समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
