होर्मुज से भारतीय जहाजों की निकासी ने लगाई कारगर विदेश नीति पर मुहर

WhatsApp Image 2026 03 16 at 5.32.22 PM 1

    शाश्वत तिवारी

नई दिल्ली। ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव के बीच भारत ने होर्मुज स्ट्रेट से अपने एलपीजी टैंकरों (जैसे- शिवालिक, नंदा देवी) की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर शानदार कूटनीतिक जीत हासिल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईरानी नेतृत्व से बातचीत और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के नेतृत्व में ईरान से निरंतर सीधे संवाद के जरिए भारत अपने जहाजों को सुरक्षित निकाल पाया है। इस कदम ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति को तो सुरक्षित रखा ही है, साथ ही यह भारत की ‘स्वतंत्र विदेश नीति’ और ‘न्यू इंडिया’ की बढ़ती ताकत को भी दर्शाता है। हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 16 मार्च को भी एक तीसरा भारतीय जहाज इस रास्ते से निकला है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फारस की खाड़ी क्षेत्र में पिछले दो हफ्तों से अधिक समय से व्याप्त भारी तनाव के बावजूद, भारत ने ईरान के साथ कूटनीतिक चैनल खुले रखे, जिससे भारतीय जहाजों को विशेष अनुमति मिली। इस संघर्ष के बीच भारत ने किसी एक पक्ष में जाने के बजाय, बातचीत के जरिए अपने हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

ये भी पढ़ें

बाबा रामदेव से जानिए, कैसे कमर दर्द दिमागी स्वास्थ्य को भी कर सकता है प्रभावित

यूपी-दिल्ली समेत 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

विदेश मंत्री जयशंकर ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए अपने एक हालिया इंटरव्यू में कहा है कि ईरान के साथ सीधी बातचीत से भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने में मदद मिली है। उन्होंने कहा मैं फिलहाल उनसे (ईरान) बातचीत कर रहा हूं और इस बातचीत के कुछ नतीजे मिले हैं। जयशंकर इससे पहले फोन पर चार बार अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से बात कर चुके हैं।वहीं दूसरी ओर भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने बीते सप्ताह शुक्रवार को कहा था कि भारत और ईरान मित्र देश हैं और क्षेत्र में साझा हित रखते हैं। उन्होंने कहा था कि मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों को जल्द ही सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी जा सकती है। इसे भारत की सफल विदेश नीति एवं बड़ी कूटनीतिक जीत इसलिए भी माना जा रहा है, क्योंकि इस समुद्री रास्ते पर विभिन्न देशों के सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं और अभी तक रूस और चीन (दोनों ईरान के करीबी सहयोगी) के अलावा केवल भारत ही ऐसा देश है, जिसके जहाज यहां से निकल पाए हैं। इस घटना ने साबित किया है कि भारत अपनी सक्रिय और व्यावहारिक कूटनीति से भू-राजनीतिक संकटों के बीच भी अपने नागरिकों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने में सक्षम है।

Spread the love

International

ब्रिक्स सम्मेलनः वैश्विक गुटबाजी के बीच चमकी भारतीय कूटनीति

New Delhi: हाल ही में संपन्न हुआ 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन वैश्विक कूटनीति के इतिहास में भारत के बढ़ते रसूख और भारतीय विदेश मंत्रालय की बेजोड़ रणनीतिक सूझबूझ की एक कालजयी कहानी बन गया है। यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया के तनाव और वैश्विक गुटबाजी के इस दौर में, दुनिया भर की निगाहें नई दिल्ली पर […]

Spread the love
Read More
Anwar Ibrahim
homeslider International

केरल में अनवर इब्राहिम का बड़ा संदेश, बोले- नई सच्चाइयों को समझें विद्वान

Anwar Ibrahim: मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने केरल दौरे के दौरान धार्मिक विद्वानों और समाज के नेतृत्वकर्ताओं से बदलती दुनिया की नई तकनीकों और चुनौतियों को समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में विज्ञान, डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से दुनिया को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में विद्वानों को इन […]

Spread the love
Read More
Pakistan Inflation
International Uncategorized

पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल से लेकर आटा प्याज तक पर टूटी महंगाई

Pakistan Inflation: पाकिस्तान की आर्थिक परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। देश में आम जरूरत की चीजों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ईंधन से लेकर रसोई में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं तक के महंगे होने से आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ गया है। ताजा आंकड़ों ने पाकिस्तान […]

Spread the love
Read More