opinion

Democracy
Analysis homeslider

चूक तो हुई: समय रहते संवाद होता तो संभल जाती स्थिति

Democracy आज आवश्यकता किसी की जीत या हार घोषित करने की नहीं, बल्कि ऐसी परीक्षा प्रणाली बनाने की है जिसमें प्रतिभा जीते, ईमानदारी जीते और भारत का युवा यह महसूस करे कि उसकी मेहनत सुरक्षित है। जब शासन सुनता है, तब लोकतंत्र मजबूत होता है। जब शासन केवल सुनाने लगता है, तब सड़कें बोलने लगती […]

Spread the love
Read More
NGO Foreign Funding
Analysis homeslider Politics

विदेशी फंडिंग पर शिकंजा कसते ही क्यों बेचैन हुए एनजीओ-आंदोलनकारी

 NGO Foreign Funding: भारत में विदेशी चंदे पर मोदी सरकार की सख्ती से सबसे ज्यादा बेचैनी आखिर किसे हो रही है? उन संस्थाओं को जो सचमुच गरीबों के लिए स्कूल, अस्पताल और राहत कार्य चला रही हैं या उन नेटवर्कों को जिन्हें विदेशी पैसे के सहारे भारत की नीतियों, आंदोलनों और जनमत को प्रभावित करने […]

Spread the love
Read More
Journalism
Analysis homeslider

पत्रकारिता और बेरोज़गारी का पोस्टमार्टम: सच, संघर्ष और सवाल

  Journalism लखनऊ/बढ़नी। समाज की बुराइयों पर किसी न किसी को पहल करनी ही पड़ती है। क्यों न शुरुआत अपने ही पत्रकार समाज की कमियों पर आत्ममंथन से की जाए। आज शहरों और कस्बों में अखबारों तथा तथाकथित पत्रकारों की बाढ़-सी आ गई है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर “प्रेस” लिखा आसानी से दिखाई देता […]

Spread the love
Read More
writer
Uttar Pradesh

अनुभव बनाम प्रतियोगिता : क्या कार्यरत शिक्षकों के लिए समान मापदंड उचित हैं?

अध्यक्ष, महिला प्रकोष्ठ ,सर्वजन हिताय संरक्षण समिति।  TET for in-service teachers :  उत्तर प्रदेश में जुलाई 2026 में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) केवल एक सामान्य पात्रता परीक्षा नहीं रही, बल्कि इसने शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक अनुभव और नीति निर्माण को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद 23 अगस्त 2010 […]

Spread the love
Read More