शाश्वत तिवारी
चट्टोग्राम। भारतीय नौसेना का इंडियन ओशन शिप (iOS) ‘सागर’, जिसे INS ‘सुनयना’ के रूप में तैनात किया गया है, अपनी क्षेत्रीय समुद्री यात्रा के दौरान बांग्लादेश की चट्टोग्राम बंदरगाह पहुंचा। यह दौरा भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने वाली ‘महासागर’ पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इससे दोनों देशों के रिश्तों एवं आपसी विश्वास को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय समुद्री सहयोग को मजबूत करना और आपसी समझ को बढ़ाना है। इस मिशन में 16 मित्र देशों के नौसैनिक शामिल हैं, जो ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ (पूरी दुनिया एक परिवार है) के आदर्श को साझा करते हैं। बांग्लादेश स्थित भारतीय उच्चायोग ने आठ मई को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा यह उच्च-स्तरीय बंदरगाह दौरा, जो ‘iOS सागर 2026’ बहुराष्ट्रीय तैनाती का एक हिस्सा है, भारतीय नौसेना और बांग्लादेशी नौसेना के बीच अटूट साझेदारी का प्रमाण है।
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यह दोनों पड़ोसी देशों के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाता है। बांग्लादेश के जलक्षेत्र में इस जहाज का स्वागत BNS अली हैदर (एफ17) द्वारा किया गया और उसे एस्कॉर्ट करते हुए बंदरगाह तक पहुंचाया गया। भारतीय उच्चायोग ने कहा आईओएस सागर के कमांडिंग ऑफिसर कई उच्च-स्तरीय कूटनीतिक मुलाकातें करेंगे, जिनमें चट्टोग्राम नौसेना क्षेत्र के कमांडर, बांग्लादेश नौसेना बेड़े के कमांडर और क्षेत्र अधीक्षक डॉकयार्ड (ASD) से मुलाकातें शामिल हैं। शाम को बांग्लादेश सशस्त्र बलों के शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति में एक स्वागत समारोह आयोजित होगा। इसके अलावा, चट्टोग्राम में इस सफल बंदरगाह दौरे के समापन का जश्न मनाने के लिए, अगली शाम (9 मई) iOS सागर की ओर से एक ‘डेक रिसेप्शन’ आयोजित किया जाएगा।
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उच्चायोग के अनुसार, iOS सागर के कमांडिंग ऑफिसर, समुद्री लॉजिस्टिक्स और बंदरगाह सुरक्षा पर चर्चा करने के लिए चट्टोग्राम बंदरगाह प्राधिकरण (CPA) के अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे। इसके बाद जहाजों का आपसी दौरा होगा, जिसमें बांग्लादेश नौसेना के कर्मी और आईओएस सागर के अंतरराष्ट्रीय क्रू सदस्य पेशेवर ‘क्रॉस-डेक विजिट’ में हिस्सा लेंगे। क्रू सदस्य बीएनएस इस्सा खान प्रशिक्षण परिसर और बांग्लादेश नौसेना अकादमी का दौरा भी करेंगे, जिससे नौसेना प्रशिक्षण की कार्यप्रणालियों की गहरी समझ विकसित होगी और आपसी क्षमता निर्माण के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा दोनों नौसेनाओं के बीच एक मैत्रीपूर्ण फुटबॉल मैच भी होगा, जो दोनों पक्षों के बीच साझा ‘एस्प्रिट डी कॉर्प्स’ (आपसी भाईचारे) को उजागर करेगा। बता दें कि आईओएस सागर 2026 मिशन के दूसरे संस्करण की शुरुआत दो अप्रैल को मुंबई से हुई थी। चट्टोग्राम पहुंचने से पहले यह जहाज माले (मालदीव), फुकेत (थाईलैंड), जकार्ता (इंडोनेशिया), सिंगापुर और यंगून (म्यांमार) जैसे बंदरगाहों का दौरा कर चुका है। यह मिशन मई के मध्य तक कोच्चि पहुंचकर समाप्त होगा।
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