हिंदी दिवस के पूर्व संध्या पर प्राथमिक विद्यालय बिरैचा में हुआ विशेष कार्यक्रम

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  • छात्रों ने निबंध, कविता, वाद विवाद प्रतियोगिता और कहानी लेखन में लिया हिस्सा

महराजगंज। घुघली ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय बिरैचा में हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर विशेष कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने हिंदी निबंध, कविता, प्रश्नोत्तरी, वाद विवाद प्रतियोगिता और कहानी लेखन प्रतियोगिता में उत्साह से भाग लिया। इस अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक यशवीर कृष्ण त्रिपाठी ने कहा कि हिन्दी दिवस 14 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिन का विशेष महत्व है। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को केंद्र सरकार की आधिकारिक भाषा बनाने का निर्णय लिया था। 1953 से इसे हिंदी दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

शिक्षक डाॅ धनंजय मणि त्रिपाठी ने कहा कि हिंदी भारत में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है। देश में 70 प्रतिशत से अधिक लोग हिंदी बोलते हैं। विश्व स्तर पर हिंदी पहली और तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में शामिल है। सहायक अध्यापक अतुल कुमार मिश्र ने बच्चों को संबोधित किया और बताया कि महात्मा गांधी ने 1918 में हिंदी साहित्य सम्मेलन में हिंदी को जन-जन की भाषा कहा था।

उन्होंने इसे राज्य भाषा का दर्जा देने की वकालत की थी। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 में हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला है। गौरतलब है कि हिंदी दिवस के अलावा 10 जनवरी को हिंदी राष्ट्रीय दिवस भी मनाया जाता है। इस अवसर पर विद्यालय में विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार देकर उत्साह बर्धन किया गया।

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