हैंगओवर से बचना है तो पीयें ये वाली बीयर…

Untitled 5 copy 22
  • बिना अल्कोहल वाले बीयर के बाजार में इतने विकल्प मौजूद
  • अब शराबियों के साथ भी कर सकते हैं बैठकी
  • बिना अल्कोहल वाली बीयर के साथ लड़ाएं पैग
आशीष द्विवेदी

रात का 10 बज रहा था। राजधानी लखनऊ के सबसे खुबसूरत जगह पर लड़कियां आपस में लड़ रही थीं। कुछ ही देर में उनकी तू-तू मैं-मैं कब पटकी-पटका में बदल गया, लोग समझ ही नहीं पाएं। पास खड़े गार्ड ने रिपोर्टर से कहा-‘सर, आप जाओ… ये अमीर बाप की बिगड़ी औलादें हैं… पहले छक कर दारू पीती हैं… फिर इस तरह की गाली-गलौच और मारपीट।’ वाकई में कुछ देर में आपस में गुत्थमगुत्था छह लड़कियां इतनी गंदी-गंदी गालियां एक दूसरे को देने लगती हैं कि होश में सुनने वालों के कान फट जाएं। सवाल उठता है कि अमीर घर की लड़कियां इतनी गिरी हुई हरकत कैसे कर सकती हैं? जवाब सीधा सा है… शराब का नशा। होटल कारोबारी विनीत कहते हैं कि अक्सर लड़कियां शराब नहीं पीतीं, वो अपने सॉफ्ट ड्रिंक की जगह बीयर पीने लगी हैं। बस थोड़ा सा अल्कोहल उनके दिमाग को बहका देता है और उसी ‘हैंगओवर’ में वो गाली देना, मारपीट करना, एक दूसरे का कपड़ा फाड़ देना भी कर डालती हैं। समिट के पास सिगरेट बेचने वाले एक शख्स ने अपना नाम तो नहीं बताया, लेकिन उसने बताया कि यह लड़ाई अक्सर ब्वॉयफ्रेंड के चक्कर में होता है। लड़कियों को लगता है कि मेरे साथ आया लड़का उसके साथ डांस क्यों करने लगा? बस इसी चक्कर में सारा मामला घनचक्कर हो जाता है।

ये भी पढ़े

बंगाल चुनाव 2026: अमित शाह का बड़ा दावा ,पहले चरण में बीजेपी को बढ़त, ‘दीदी जाने वाली हैं’

दोस्तों के साथ पार्टी हो, रात देर तक गप-शप या बैठकबाजी हो और अगले दिन सिर दर्द या हैंगओवर से बचना भी हो तो ऐसे में आपको अल्कोहल छोड़ना होगा। लेकिन अब बड़े समाज की पहचान बन चुकी बीयर कैसे छोड़ी जा सकती है। इन्हीं सवालों के बीच तेजी से लोगों की पसंद बन रही है, बिना अल्कोहल वाली बीयर। अब यह सिर्फ एक “सेफ ऑप्शन” नहीं, बल्कि स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का संतुलित विकल्प बन रहा है। डेटा एनालिटिक्स फर्म IWSR के अनुसार, बिना अल्कोहल वाली बीयर दुनिया की दूसरी सबसे लोकप्रिय बीयर बन चुकी है। पहले लोग इसके स्वाद को फीका और अधूरा मानते थे, लेकिन अब नई तकनीकों और केमिस्ट्री के कारण इसका स्वाद काफी बेहतर हो गया है।

गौरतलब है कि बीयर बनाने में फ़र्मेंटेशन (Fermentation) का इस्तेमाल होता है। इसमें यीस्ट, माल्टेड जौ (Barley) से मिलने वाली शुगर को अल्कोहल और कार्बन डाइऑक्साइड में बदलता है। बेल्जियम के वीआईबी-केयू लूवेन सेंटर फॉर माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसर केविन वेरस्ट्रेपेन के अनुसार, यीस्ट केवल अल्कोहल ही नहीं बनाता, बल्कि सैकड़ों एरोमा कंपाउंड भी तैयार करता है, जो बीयर के स्वाद और खुशबू की असली पहचान होते हैं। यही वजह है कि बिना अल्कोहल वाली बीयर बनाना आसान नहीं होता।

वहीं बिना अल्कोहल वाली बीयर बनाने के लिए सबसे आम तरीका यह है कि पहले सामान्य बीयर बनाई जाती है, फिर उसमें से अल्कोहल निकाला जाता है। लेकिन समस्या यह है कि अल्कोहल हटाने के लिए गर्म करने पर बीयर की खुशबू और स्वाद भी प्रभावित हो सकते हैं। इसके लिए कम तापमान में अल्कोहल हटाया जाता है। इस समस्या का समाधान “वैक्यूम डिस्टिलेशन” तकनीक से किया गया। सामान्य दबाव पर अल्कोहल 78°C पर उबलता है, लेकिन वैक्यूम में यह तापमान घटकर 40–45°C तक आ जाता है। इससे अल्कोहल हट जाता है, लेकिन बीयर का स्वाद और सुगंध काफी हद तक सुरक्षित रहती है। इसके बाद ब्रुअर्स उन जरूरी एरोमा कंपाउंड को दोबारा जोड़ते हैं, जो प्रक्रिया में कम हो जाते हैं।

ये भी पढ़े

नोएडा में बड़ा खुलासा: Gen-Z की “स्लीपर सेल” तैयार कर सत्ता पलटने की साजिश का दावा, 28 पन्नों की डायरी से सनसनी

एबी इनबेव के डेविड डी शुटर के अनुसार, पिछले 20–30 वर्षों में एरोमा रिसर्च ने बिना अल्कोहल वाली बीयर की गुणवत्ता को पूरी तरह बदल दिया है। कई जगह रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) से भी अल्कोहल अलग किया जाता है। यानी कुछ ब्रुअर्स “रिवर्स ऑस्मोसिस” तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। इसमें बीयर को एक खास झिल्ली (Membrane) से गुजारा जाता है। यह झिल्ली बड़े एरोमा कंपाउंड को रोक लेती है, जबकि छोटे अल्कोहल और पानी के अणु बाहर निकल जाते हैं। फिर इसमें ताज़ा पानी मिलाया जाता है, जिससे पांच प्रतिशत अल्कोहल वाली बीयर को 0.5% तक लाया जा सकता है, जिसे कई देशों में नॉन-अल्कोहलिक माना जाता है। अल्कोहल सिर्फ नशा नहीं देता, बल्कि वह खुद भी स्वाद और खुशबू का हिस्सा होता है। यह पानी के गुण बदलता है, जिससे बाकी एरोमा कंपाउंड का व्यवहार भी बदल जाता है। यानी अल्कोहल हटाने के बाद बिल्कुल वही स्वाद बनाए रखना बेहद मुश्किल होता है। फिर भी विशेषज्ञ मानते हैं कि आज की तकनीक ने इस अंतर को काफी कम कर दिया है।


नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

खबरों में अपडेट रहना हमारी आदत है और सबसे आगे रहना मेरा जुनून। अब नया लुक ऐप भी ले आया है। आप सभी से अनुरोध है कि आप इसे अपना प्यार, दुलार और आशीर्वाद दें। आप सभी से निवेदन है कि मेरा न्यूज ऐप अपने अपने फोन में इंस्टॉल कर लीजिए। मैं आप सभी का आभारी रहूंगा…. https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढ़े

UP के योगी, देश के लिए उपयोगी, बंगाल में हर जगह बम-बम बुल्डोजर

ये भी पढ़े

Noida International Airport : यूपी के सपनों को मिलेगी उड़ानों की पंख

 

 

Untitled 12 copy
homeslider International

विश्व मधुमक्खी दिवस : धरती के अस्तित्व के लिए क्यों जरूरी हैं मधुमक्खियां?

राजेन्द्र गुप्ता विश्व मधुमक्खी दिवस एक अंतरराष्ट्रीय दिवस है जिसका उद्देश्य लोगों को हमारे पारिस्थितिकी तंत्र में मधुमक्खियों और अन्य परागणकों की भूमिका और हमारे लिए इसके महत्व को समझने में मदद करना है। मधुमक्खियों के बिना, हमारा पारिस्थितिकी तंत्र जल्द ही ध्वस्त हो जाएगा – उनका काम जंगली फूलों और पेड़ों का परागण करना […]

Read More
Today's Horoscope
Astrology homeslider

Today’s Horoscope : किस राशि को मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सावधान

आज ग्रह-नक्षत्रों की चाल कई राशियों के जीवन में बदलाव के संकेत दे रही है। किसी को करियर और व्यापार में सफलता मिलने के योग हैं, तो कुछ राशियों को स्वास्थ्य, खर्च और रिश्तों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। राजेन्द्र गुप्ता मेष : आज आप पर तनाव व चिंता हावी रहेगी। आप अपने […]

Read More
Untitled 9 copy
Bihar homeslider

पहली बार online बाजार का पुरजोर विरोध, बिहार में नहीं खुलेगी 40 हजार दवा दुकानें

यदि आप भी बिहार में रहते हैं तो सावधान! 24 घंटे के लिए अभी हो जाएं सतर्क बिहार में बुधवार 20 मई को दवा दुकानों की बड़ी हड़ताल होने जा रही है। राज्यभर के करीब 40 हजार मेडिकल स्टोर 24 घंटे के लिए बंद रहेंगे। केमिस्ट संगठन मंगलवार रात 12 बजे से हड़ताल पर चले […]

Read More