इमरान खान के लिए खुला बाहर आने का रास्ता?

Imran Khan

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बढ़ी सियासी हलचल

Pakistan Politics: पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक बदलाव होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रमुख इमरान खान को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उनकी संभावित रिहाई और राजनीतिक वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर ने इमरान खान को मिली न्यायिक राहत की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के मामले से की है। उनका कहना है कि पाकिस्तान का राजनीतिक इतिहास बताता है कि अदालत से मिली राहत कई बार नेताओं के लिए सत्ता और राजनीति में वापसी का रास्ता खोल देती है।

क्या इमरान के लिए दोहराएगी नवाज शरीफ वाली कहानी?

2018 में भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद नवाज शरीफ जेल गए थे। बाद में मेडिकल आधार पर उन्हें राहत मिली और लाहौर हाई कोर्ट ने इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति दे दी। नवाज शरीफ लंदन चले गए और कई साल तक वहीं रहे। इसी दौरान पाकिस्तान की राजनीति में बड़ा बदलाव आया।

इमरान खान प्रधानमंत्री बने और बाद में सत्ता से बाहर हो गए। इसके बाद इमरान खुद भ्रष्टाचार के मामलों में जेल पहुंच गए। 2023 में नवाज शरीफ पाकिस्तान लौटे और सक्रिय राजनीति में दोबारा जगह बनाई। अब इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर ऐसी ही कहानी दोहराई जा सकती है?

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‘पाकिस्तान में कुछ भी हो सकता है’

इंडिया टुडे से बातचीत में वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर ने कहा कि पाकिस्तान में राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदलती हैं और यहां कुछ भी संभव है। उन्होंने इमरान खान को मिली राहत को पाकिस्तान के राजनीतिक इतिहास के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया। मीर के मुताबिक, पाकिस्तान में अदालतों से मिलने वाली राहत को कई बार पर्दे के पीछे हुए राजनीतिक समझौते के संकेत के तौर पर देखा जाता है। उन्होंने नवाज शरीफ के पुराने मामले का हवाला देते हुए कहा कि शरीफ परिवार को आशंका हो सकती है कि इमरान खान को भी किसी संभावित समझौते के जरिए राहत मिल रही है। हालांकि, किसी गुप्त समझौते या डील की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सुप्रीम कोर्ट ने अस्पताल में शिफ्ट करने का दिया आदेश

इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। भ्रष्टाचार समेत कई मामलों में उन्हें दोषी ठहराया जा चुका है। इसी बीच उनकी सेहत को लेकर सामने आ रही खबरों के बाद पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को उन्हें अदियाला जेल से प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश दिया। शहबाज शरीफ सरकार ने इस आदेश को चुनौती देने का फैसला किया है। इसी घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर PTI को बातचीत का न्योता दिया है।

शरीफ परिवार की बढ़ी चिंता?

हामिद मीर के मुताबिक, इमरान खान को मिली राहत ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान की सत्ताधारी राजनीति के भीतर भी मतभेद दिखाई दे रहे हैं। PML-N की सहयोगी पार्टी PPP के नेता बिलावल भुट्टो जरदारी ने हाल के दिनों में सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने शरीफ परिवार को चेतावनी देते हुए सरकार के लिए ‘उल्टी गिनती’ शुरू होने की बात कही थी। मीर का कहना है कि PPP और PML-N के बीच कई मुद्दों पर मतभेद बढ़ रहे हैं, जिससे शहबाज शरीफ सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है।

सेना की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल

पाकिस्तान की राजनीति में सेना की भूमिका हमेशा चर्चा का विषय रही है। इमरान खान को मिली न्यायिक राहत के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस पूरे घटनाक्रम में सेना की कोई भूमिका या सहमति है। हालांकि, सेना की ओर से इमरान खान को मिली इस राहत के संबंध में किसी तरह के गुप्त समझौते की पुष्टि नहीं की गई है। हामिद मीर ने भी इस मुद्दे पर पाकिस्तान की सेना के उस आधिकारिक रुख का जिक्र किया कि वह देश की राजनीति में हस्तक्षेप नहीं करती।

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क्या इमरान खान कर सकते हैं राजनीतिक वापसी?

इमरान खान की राजनीतिक वापसी को लेकर अभी निश्चित तौर पर कुछ कहना मुश्किल है। उनकी पार्टी और समर्थक लगातार उनकी रिहाई की मांग करते रहे हैं। वहीं, उनकी सेहत को लेकर भी समय-समय पर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। हामिद मीर ने अपने सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि इमरान खान शारीरिक रूप से ठीक हैं, हालांकि उनकी आंखों की स्थिति को लेकर चिंता है। उन्होंने यह भी कहा कि इमरान की लोकप्रियता अब भी बरकरार है। मीर ने नवाज शरीफ के राजनीतिक सफर का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर नवाज शरीफ जेल से बाहर आ सकते हैं, कानूनी मामलों में राहत पा सकते हैं और राजनीति में वापस लौट सकते हैं, तो पाकिस्तान में इमरान खान के साथ भी कुछ ऐसा होना संभव है।

पाकिस्तान की सियासत पर टिकी निगाहें

इमरान खान को अस्पताल शिफ्ट किए जाने का मामला फिलहाल अदालत और सरकार के बीच कानूनी प्रक्रिया में है। उनकी रिहाई या विदेश जाने की किसी योजना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश, सरकार और PTI के बीच बातचीत की कोशिशों और सत्तारूढ़ गठबंधन में बढ़ते मतभेदों ने पाकिस्तान की सियासत में नई अटकलों को जन्म जरूर दे दिया है।

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