
नियमित से 18 हजार और रिटायर अधिकारियों से लिया जा रहा मात्र 2000 किराया!
संविदा पर नियुक्त प्रधान प्रबंधक विनोद अग्रवाल पर संघ मुख्यालय मेहरबान
मुख्यालय के आला अफसरों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
Lucknow : अंधेर नगरी चौपट राजा टका सेर भाजी टका सेर खाजा…यह कहावत उत्तर प्रदेश चीनी निगम संघ के अधिकारियों पर एकदम फिट बैठती है। शासन में बैठे आला अफसरों का संरक्षण प्राप्त होने की वजह से इनकी मनमानी का यह आलम हो गया है कि संघ में तैनात अधिकारियों से आवास का किराया 18 हजार रुपए वहीं सेवानिवृत अधिकारी से उसी फ्लैट का किराया मात्र दो हजार रुपए ही वसूल किया जा रहा है। यह मामला संघ के अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इसको लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे है। चर्चा है कि इस वसूली से सरकारी राजस्व को खासा चुना लगाया जा रहा है।
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मिली जानकारी के मुताबिक बीते दिनों चीनी मिलों के लिए खरीदे गए उपकरणों में करोड़ों का गोलमाल करने के आरोपी प्रधान प्रबंधक तकनीकी विनोद अग्रवाल ने रिटायरमेंट के बाद विभागीय मंत्री और शासन में सेटिंग गेटिंग कर चीनी मिल संघ मुख्यालय में संविदा पर प्रधान प्रबंधक तकनीकी के पद अस्थाई नियुक्ति कर ली। सूत्रों का कहना है नियुक्ति के बाद संघ मुख्यालय के अधिकारियों ने उन्हें वही प्रभार सौंप दिए जिनमें उनके ऊपर करोड़ों का घोटाला करने के आरोप लगे था। इन आरोपों के जांच के लिए प्रदेश सरकार के एक पूर्व मंत्री ने सीएम समेत अन्य आला अफसरों को पत्र भी लिखा था। इस शिकायत के बाद भी इस घोटालेबाज अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई। यह अलग बात है कि कार्यवाही के बजाय इसको संविदा पर नियुक्ति जरूर दे दी गई।
चीनी मिल संघ के अफसरों और कर्मियों के लिए गोमतीनगर स्थित मिठाई वाला चौराहे पर आवासीय परिसर बनाया गया है। सूत्रों का कहना है कि इस आवासीय परिसर में रहने वाले अधिकारियों से प्रतिमाह 18 हजार रुपए किराया लिया जाता है। ऊंची पहुंच और जुगाड के बल पर संविदा पर नियुक्ति किए गए सेवानिवृत प्रधान प्रबंधक तकनीकी विनोद अग्रवाल को भी इसी परिसर में आवास आवंटित किया गया है। मोटी तनख्वाह पर रखे गए विनोद अग्रवाल को एफ वन फ्लैट आवंटित किया गया है। इस फ्लैट का किराया उनसे मात्र दो हजार रुपए ही लिया जा रहा है। इसी प्रकार परिसर का फ्लैट एफ 4 भी रिटायर चीफ केमिस्ट दीपक कुमार से भी मात्र दो हजार रुपए किराया लिया जा रहा है। जबकि स्थाई तैनात अधिकारियों ने इन फ्लैटों का 18 हजार रुपए वसूल किया जा रहा है। आवासों के किराए में हो रहे पक्षपात ने चीनी मिल संघ के आला अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए है। उधर इस संबंध में जब विभागीय मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, एसीएस गन्ना विकास वीणा कुमारी मीणा और संघ के प्रबंध निदेशक ईसा दुहन से बात करने का प्रयास किया गया तो किसी से बात नहीं हो पाई। RPI के प्रदेश महासचिव ने की जांच कराने की मांग
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के प्रदेश महामंत्री सूर्य प्रकाश सिंह ने चीनी मिल संघ में चल रहे भ्रष्टाचार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि संघ के आवासीय परिसर में आवासों के किराए में हो रहे पक्षपात की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा नौकरी कर अधिकारियों से 18 हजार रुपए प्रतिमाह वहीं रिटायर होकर संविदा पर रखे गए अधिकारी से मात्र दो हजार रुपए प्रतिमाह वसूल किया जा रहा है। प्रदेश महासचिव ने कहा कि वह इस गंभीर मामले की जांच के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर राजस्व का चुना लगाने वालों की जांच कराने की मांग करेंगे। जिससे दूध का दूध पानी सामने आ सके।
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