90 प्रतिशत डिस्काउंट के नाम पर 24 घंटे हो रही ऑनलाइन ठगी

Online Fraud

शाश्वत तिवारी

Online Fraud देशभर में टेलीग्राम के माध्यम से चल रहे कथित “मेगा डील” और “लूट ऑफर” चैनलों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट्स में महंगे स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक सामान और ब्रांडेड उत्पाद 70 प्रतिशतसे 99 प्रतिशत तक की छूट पर दिखाए जा रहे हैं। कई मामलों में उपभोक्ताओं से एडवांस भुगतान लेने की शिकायतें भी सामने आई हैं। लाखों के मोबाइल हजारों में दिखाकर एडवांस पेमेंट मांगने वाले टेलीग्राम चैनलों की जांच और कार्रवाई की मांग।
https://x.com/i/status/2059273578802229559 स्क्रीनशॉट्स के ये सभी टेलीग्राम चैनल ऐसे ऑफरों का प्रचार करते दिखाई दे रहे हैं।

ऑनलाइन ठगी
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इन चैनलों पर नियमित रूप से ऐसे उत्पादों के ऑफर प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनकी वास्तविक कीमत हजारों या लाखों रुपये होती है, जबकि उन्हें कुछ सौ या हजार रुपये में उपलब्ध बताने का दावा किया जाता है। स्क्रीनशॉट्स में Apple iPhone 16 Pro Max, iPhone 17 Pro Max और अन्य प्रीमियम मॉडल 99 प्रतिशत तक की छूट के साथ ₹879, ₹949 और ₹999 में दिखाए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी वैध व्यावसायिक मॉडल में इतने बड़े डिस्काउंट पर बिक्री लगभग असंभव है। ऐसे ऑफर उपभोक्ताओं को आकर्षित करने और उन्हें जल्दबाजी में भुगतान करने के लिए प्रेरित करने का माध्यम बन सकते हैं।

 

कैसे काम करता है यह मॉडल?

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामलों में अक्सर ये तरीके अपनाए जाते हैं- अविश्वसनीय डिस्काउंट दिखाना, सीमित समय का ऑफर बताना, एडवांस पेमेंट की मांग करना, एफिलिएट या विशेष लिंक के माध्यम से खरीदारी करवाना, भुगतान के बाद उत्पाद न भेजना या अलग उत्पाद भेजना, शिकायत होने पर चैनल, नंबर या अकाउंट बदल देना। यदि किसी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ब्रांड या कंपनी के नाम का उपयोग करके लोगों को भ्रमित किया जा रहा है, तो यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और साइबर कानूनों के तहत जांच का विषय बन सकता है। बड़ी संख्या में लोगों को जोड़कर चलाए जा रहे ऐसे चैनलों की गतिविधियों की निगरानी आवश्यक है। साइबर क्राइम सेल इन चैनलों की गतिविधियों की जांच करे। एडवांस भुगतान लेने वाले खातों और यूपीआई आईडी का सत्यापन किया जाए। भ्रामक और अवास्तविक डिस्काउंट के दावों की जांच हो। यदि किसी प्रकार की धोखाधड़ी पाई जाती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

ऑनलाइन ठगी
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विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि कोई व्यक्ति एक लाख से अधिक कीमत का मोबाइल ₹999 या ₹1500 में देने का दावा कर रहा है और पहले भुगतान मांग रहा है, तो उपभोक्ताओं को अत्यधिक सतर्क रहना चाहिए। किसी भी ऑफर की सत्यता आधिकारिक वेबसाइट, विक्रेता और भुगतान व्यवस्था की जांच के बाद ही स्वीकार करनी चाहिए। जनहित में यह आवश्यक है कि ऐसे सभी संदिग्ध ऑनलाइन ऑफरों और टेलीग्राम चैनलों की निष्पक्ष जांच हो ताकि उपभोक्ताओं की मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके।

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