
Fashion भारत जैसे देशों में जहां गोरेपन को अक्सर सुंदरता की कथित पहचान माना जाता है, वहीं पश्चिमी देशों में अब इसका उल्टा ट्रेंड देखने को मिल रहा है। अमेरिका और यूरोप के कई हिस्सों में लोग अपनी प्राकृतिक गोरी त्वचा को बदलकर सांवला या “ब्रॉन्ज ग्लो” लुक पाने के लिए टैनिंग पर भारी खर्च कर रहे हैं।
अमेरिका और यूरोप में सांवली त्वचा को सिर्फ फैशन नहीं बल्कि स्वास्थ्य, ऊर्जा और एक्टिव लाइफस्टाइल का प्रतीक माना जाता है। वहीं कुछ लोगों की सोच यह भी है कि ज्यादा गोरी त्वचा कमजोरी या कम सक्रिय जीवनशैली को दर्शाती है। इसी ट्रेंड के चलते कई देशों में टैनिंग सेंटर तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
ये भी पढ़े
पार्लर जैसा निखार पाने के लिए लगाएं स्ट्रॉबेरी और शहद का घरेलू फेस पैक
स्प्रे टैनिंग जैसी सुविधाओं की कीमत कई जगह 4 हजार से 17 हजार रुपये प्रति सेशन तक पहुंच जाती है। हॉलीवुड सेलेब्रिटीज जैसे किम कर्दाशियन और जेनिफर लोपेज़ ने भी “ब्रॉन्ज ग्लो” लुक को ग्लोबल फैशन ट्रेंड बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा धूप और ब्रॉन्ज़ग्लो जैसे हैशटैग के साथ लाखों पोस्ट इस ट्रेंड को और बढ़ावा दे रहे हैं।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की टैनिंग प्रक्रियाओं में लोग कई बार त्वचा से जुड़ी स्वास्थ्य चेतावनियों को नजरअंदाज कर देते हैं। यह पूरा ट्रेंड एक सांस्कृतिक फर्क को भी दिखाता है जहां एक तरफ भारत में सांवलेपन को लेकर सामाजिक सोच अब भी प्रभावित है, वहीं पश्चिम में यही रंगत “फैशन स्टेटमेंट” बन चुका है।
गर्मी में बढ़ती टैनिंग की समस्या
रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में लगभग 70–80 प्रतिशत लोग टैनिंग, डल स्किन और असमान रंगत से परेशान रहते हैं। इसी वजह से देश में फेयरनेस क्रीम, डी-टैन प्रोडक्ट्स और स्किन ट्रीटमेंट का बाजार हजारों करोड़ रुपये का हो चुका है।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
पार्लर जैसा निखार पाने के लिए लगाएं स्ट्रॉबेरी और शहद का घरेलू फेस पैक
डायरेक्टर के आदेश पर कियारा आडवाणी ने छोड़ी Hi-Hello की आदत, Toxic से जुड़ा खुलासा
डोनाल्ड ट्रंप को बताया गया पूरी तरह स्वस्थ, हेल्थ रिपोर्ट में बड़ा खुलासा


2 thoughts on “राम, कृष्ण की तरह सांवला रूप बनाकर सुंदर बनने की यहां है होड़, जानें पूरा मामला”
Comments are closed.