
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा कदम उठाया गया है। व्हाइट हाउस ने हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने का फैसला किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप बाल-बाल बच गए। इस घटना ने न केवल सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया है, बल्कि पूरे प्रशासन को सुरक्षा प्रोटोकॉल पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है।
घटना जिसने बढ़ाई चिंता
शनिवार को आयोजित व्हाइट हाउस संवाददाता रात्रिभोज के दौरान वाशिंगटन के वॉशिंगटन हिल्टन में गोलीबारी की घटना सामने आई। इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद थे। हालांकि किसी को गंभीर नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह घटना सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की ओर इशारा करती है। ऐसे हाई-प्रोफाइल कार्यक्रमों में छोटी सी गलती भी बड़े खतरे में बदल सकती है।
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हाई-लेवल मीटिंग में क्या होगा?
घटना के बाद संयुक्त राज्य गुप्त सेवा और होमलैंड सुरक्षा विभाग की एक अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा होगी ,राष्ट्रपति की सुरक्षा को और मजबूत बनाना , बड़े आयोजनों के लिए नए दिशा-निर्देश तैयार करना इमरजेंसी स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना , खुफिया एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय , इन उपायों का उद्देश्य भविष्य में किसी भी संभावित खतरे को पहले ही रोकना है।
‘डेजिग्नेटेड सर्वाइवर’ क्यों चर्चा में?
इस घटना के बाद “डेजिग्नेटेड सर्वाइवर” का मुद्दा भी चर्चा में आ गया है। यह एक ऐसा प्रावधान है जिसमें किसी बड़े कार्यक्रम के दौरान एक वरिष्ठ अधिकारी को सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है, ताकि किसी आपात स्थिति में सरकार का संचालन जारी रह सके। कैरोलीन लेविट ने बताया कि इस कार्यक्रम से पहले इस विषय पर चर्चा हुई थी, लेकिन कई कैबिनेट सदस्य पहले से ही अनुपस्थित थे, इसलिए अलग से किसी को नामित नहीं किया गया।
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति साथ हों या नहीं?
इस घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को एक ही कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए। इस दौरान JD Vance भी मौजूद थे, जो उत्तराधिकार क्रम में दूसरे स्थान पर आते हैं। रिपब्लिकन नेता माइकल मैककॉल ने सुझाव दिया कि सुरक्षा एजेंसियों को इस मुद्दे पर दोबारा विचार करना चाहिए।
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उत्तराधिकार क्रम क्यों है महत्वपूर्ण?
अमेरिका में राष्ट्रपति पद के उत्तराधिकार की व्यवस्था राष्ट्रपति उत्तराधिकार अधिनियम, 1947 के तहत तय की गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में सत्ता का संचालन बाधित न हो। इस क्रम में उपराष्ट्रपति के बाद कई वरिष्ठ नेता शामिल होते हैं, जो देश की स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
आगे क्या बदलाव संभव हैं?
इस घटना के बाद यह माना जा रहा है कि अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। बड़े कार्यक्रमों में सुरक्षा और कड़ी होगी आधुनिक तकनीक का अधिक उपयोग किया जाएगा सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल मजबूत होगा
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