भरवां करेला एक ऐसी पारंपरिक भारतीय सब्जी है, जिसका स्वाद और सेहत दोनों में खास महत्व है। हालांकि करेला अपने कड़वे स्वाद के कारण कई लोगों को पसंद नहीं आता, लेकिन सही तरीके से तैयार किया जाए तो यह बेहद स्वादिष्ट और पौष्टिक बन जाता है। भरवां करेला बनाने के लिए सबसे पहले करेले का कड़वापन कम करना जरूरी होता है। इसके लिए मध्यम आकार के करेले लेकर उन्हें छीलकर अंदर के बीज निकाल दिए जाते हैं। इसके बाद नमक और हल्दी को पानी में मिलाकर एक गाढ़ा घोल तैयार किया जाता है। इस घोल को करेले पर अच्छी तरह लगाकर लगभग 15 मिनट के लिए छोड़ दिया जाता है। बाद में इसे साफ पानी से धो लिया जाता है, जिससे कड़वापन काफी हद तक कम हो जाता है।
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इसके बाद करेले को हल्का फ्राई किया जाता है। सरसों के तेल में इन्हें हल्का तलने से इसका स्वाद और बेहतर हो जाता है। इसी तेल में निकाले गए बीज और छिलके भी हल्का भून लिए जाते हैं, जिससे स्वाद और भी गहरा हो जाता है। अब मसाला तैयार किया जाता है। इसके लिए प्याज को कद्दूकस किया जाता है और उसमें अदरक व लहसुन मिलाया जाता है। कड़ाही में सरसों का तेल गर्म कर उसमें जीरा, हींग, सौंफ और कलौंजी डाली जाती है। फिर इसमें प्याज और अदरक-लहसुन का मिश्रण भूनकर हल्दी, लाल मिर्च, धनिया, नमक, आमचूर और सौंफ पाउडर मिलाया जाता है।
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इस मसाले में भुने हुए बीज और छिलके मिलाने से भरवां करेले को खास “दादी-नानी वाला स्वाद” मिलता है। अब ठंडा होने के बाद मसाला करेले में भरा जाता है और उन्हें धागे से बांध दिया जाता है। अंत में इन्हें धीमी आंच पर हल्का फ्राई किया जाता है। तैयार भरवां करेला कई दिनों तक सुरक्षित रहता है और दाल, चावल या पराठे के साथ खाया जा सकता है।
