मस्कट। ओमान और खाड़ी देशों में आयोजित होने वाले पारंपरिक ऊंट ब्यूटी कॉन्टेस्ट में इस बार एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। प्रतियोगिता के दौरान जांच में पता चला कि कुछ ऊंटों को अधिक आकर्षक दिखाने के लिए उनके मालिकों ने कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट का सहारा लिया था। इस खुलासे के बाद आयोजकों ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 20 ऊंटों को प्रतियोगिता से अयोग्य घोषित कर दिया। आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी ऊंटों की पहले पशु चिकित्सकों द्वारा बारीकी से जांच की जाती है। इस बार जांच के दौरान विशेषज्ञों को कुछ ऊंटों के शरीर में असामान्य बदलाव दिखाई दिए। बाद में जांच में यह सामने आया कि कुछ मालिकों ने ऊंटों के होंठों, चेहरे की बनावट और कूबड़ को आकर्षक बनाने के लिए बोटॉक्स और लिप फिलर जैसे कॉस्मेटिक इंजेक्शन का इस्तेमाल किया था।
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जांच टीम ने बताया कि ऊंटों की प्राकृतिक बनावट में बदलाव करने के लिए इन इंजेक्शनों का इस्तेमाल किया गया था, जिससे वे प्रतियोगिता में अधिक सुंदर और प्रभावशाली दिखाई दें। हालांकि प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार किसी भी प्रकार का कृत्रिम हस्तक्षेप पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसी कारण आयोजकों ने नियमों का उल्लंघन करने वाले ऊंटों को तुरंत प्रतियोगिता से बाहर कर दिया। खाड़ी देशों में ऊंट ब्यूटी कॉन्टेस्ट सिर्फ मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं बल्कि एक पुरानी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है। इस प्रतियोगिता में जज ऊंटों की आंखों, होंठों, कूबड़ और शरीर की बनावट जैसे कई पहलुओं के आधार पर अंक देते हैं। जिन ऊंटों का रूप और बनावट सबसे बेहतर मानी जाती है, उन्हें विजेता घोषित किया जाता है।
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इस प्रतियोगिता की खास बात यह है कि इसमें जीत हासिल करने वाले ऊंट के मालिक को प्रतिष्ठा के साथ-साथ बड़ी इनामी राशि भी मिलती है। इसी कारण कई लोग अपने ऊंटों को प्रतियोगिता के लिए विशेष रूप से तैयार करते हैं। हालांकि आयोजकों का कहना है कि प्रतियोगिता का मूल उद्देश्य ऊंटों की प्राकृतिक सुंदरता और उनकी पारंपरिक नस्लों को सम्मान देना है। आयोजकों ने साफ किया है कि भविष्य में भी प्रतियोगिता के दौरान सख्त जांच जारी रहेगी। यदि किसी भी ऊंट में कृत्रिम बदलाव पाया गया तो उसे तुरंत अयोग्य घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है। इस घटना के सामने आने के बाद पशु कल्याण से जुड़े कई संगठनों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि जानवरों के साथ किसी भी प्रकार के अनावश्यक कॉस्मेटिक प्रयोग से बचना चाहिए।
