अलवर:जस्थान की राजनीति के लिए बेहद दुखद खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, दो बार विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री हेमसिंह भड़ाना का सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे उनके निवास पर निधन हो गया। वे 59 वर्ष के थे। उनके निधन से प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। उनका अंतिम संस्कार दोपहर 12 बजे उनके पैतृक गांव किशनगढ़ बास के बघेरी गांव में किया जाएगा। हेमसिंह भड़ाना लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। वे कैंसर से पीड़ित थे और हाल ही में उन्हें ब्रेन हैमरेज भी हुआ था। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका लंबे समय तक उपचार चला। स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों की सलाह से उन्हें घर लाया गया था, जहां सोमवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
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हेमसिंह भड़ाना का जन्म 7 फरवरी 1966 को शिवनारायण भड़ाना के घर हुआ था। वे मूल रूप से भगेरी कला गांव (विधानसभा किशनगढ़ बास, वर्तमान खैरतल-तिजारा जिला) के निवासी थे। छात्र जीवन से ही उनका रुझान सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों की ओर रहा, जिसने आगे चलकर उन्हें सक्रिय राजनीति में स्थापित किया। उन्होंने भाजपा के टिकट पर अलवर जिले की थानागाजी विधानसभा सीट से दो बार जीत दर्ज की। वे 2008-2013 और 2013-2018 तक राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे। वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल में उन्हें कैबिनेट मंत्री का दायित्व सौंपा गया। मंत्री रहते हुए उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग और मोटर गैराज जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
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भड़ाना अपनी सरल छवि, कुशल प्रशासनिक क्षमता और जनता से सीधे संवाद के लिए पहचाने जाते थे। वे क्षेत्रीय मुद्दों को मजबूती से उठाने वाले नेता माने जाते थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। कई नेताओं ने इसे पार्टी और प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
