IAS पद्मा जायसवाल सेवा से बर्खास्त

Untitled 6 copy
  • सरकारी राजस्व में हेराफेरी का था आरोप
  • राष्ट्रपति ने दी अंतिम मंजूरी
  • दिल्ली सरकार के प्रशासनिक सुधार विभाग में थीं स्पेशल सेक्रेटरी

रंजन कुमार सिंह

18 साल के बाद आखिरकार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर से कल IAS पद्मा जायसवाल को नौकरी से बर्खास्त यानि डिसमिस कर दिया गया। इन्हें नौकरी से हटाने के लिए सरकार को बहुत पापड़ बेलने पड़े। साल 2008 से ही इन्हें हटाने की कोशिशें चल रही थीं जो आखिरकार 18 साल बाद मुकाम पर पहुंचीं। केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते 2003 बैच की एजीएमयूटी कैडर की IAS अधिकारी पद्मा जायसवाल को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अंतिम मंजूरी के बाद, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाले, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) ने उनकी बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। पद्मा जायसवाल अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (AGMUT) कैडर की एक वरिष्ठ IAS अधिकारी थीं। बर्खास्तगी से ठीक पहले वह दिल्ली सरकार के प्रशासनिक सुधार विभाग में ‘विशेष सचिव’ के पद पर तैनात थीं। 23 साल के लंबे प्रशासनिक करियर में वह दिल्ली, गोवा, पुडुचेरी और अरुणाचल प्रदेश में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर रह चुकी हैं।

ये भी पढ़े

UP में बड़ा अनोखा मामला: महिला ने पांच दिनों में चार बच्चों को जन्म दिया

उन पर मुख्य आरोप लगभग दो दशक पुराने 2007-08 के कार्यकाल का है। उन पर आरोप है कि जब वे अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग जिले की उपायुक्त (DC) थीं, तब उन्होंने जनता की भलाई और विकास कार्यों के लिए आए सरकारी राजस्व में से करीब 28 लाख रुपये का गबन किया और अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया। फरवरी 2008 में स्थानीय निवासियों द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद सीबीआई जांच और अनुशासनात्मक प्रक्रिया शुरू हुई थी। विभागीय जांच, UPSC और सीवीसी की सिफारिशों के बाद उन्हें हटाने का अंतिम फैसला लिया गया। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) द्वारा मामले में राहत दिए जाने के बाद, दिल्ली हाईकोर्ट ने अप्रैल 2026 में फैसला पलटते हुए केंद्र के लिए बर्खास्तगी का रास्ता साफ कर दिया था। सेवारत आईएएस अधिकारी की इस तरह सीधी बर्खास्तगी अत्यंत दुर्लभ और सख्त कदम माना जाता है।

ये भी पढ़े

दिल्ली-NCR में फिर महंगी हुई CNG, दो दिन में दूसरी बार बढ़े दाम… जानिए नई कीमतें

IAS पद्मा जायसवाल के अलावा भी कई अन्य IAS अधिकारियों को भ्रष्टाचार, कदाचार और फर्जी दस्तावेजों जैसे गंभीर आरोपों के कारण सेवा से बर्खास्त किया गया है। IAS  अधिकारियों की सेवा समाप्त करने का अधिकार केवल भारत के राष्ट्रपति के पास होता है। आपको याद होगा, पूजा खेडकर (महाराष्ट्र कैडर) को केंद्र सरकार ने UPSC परीक्षा और चयन में धोखाधड़ी, पहचान व विकलांगता से जुड़े गलत दस्तावेज प्रस्तुत करने के आरोप में इस ट्रेनी आईएएस अधिकारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। अखिल भारतीय सेवाओं (अनुशासन और अपील) नियमों के अंतर्गत भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में दोषी पाए जाने पर पूर्व में भी अन्य आईएएस अधिकारियों को नौकरी से निकाला जा चुका है। भारतीय प्रशासनिक सेवा एक अत्यंत सुरक्षित नौकरी मानी जाती है, इसलिए किसी भी अधिकारी को बर्खास्त करने की प्रक्रिया बेहद लंबी, कानूनी जांच के दायरे से गुजरने वाली और अत्यंत दुर्लभ होती है।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

संवैधानिक संरक्षण: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत आईएएस अधिकारियों को विशेष संरक्षण प्राप्त है। इसके तहत मनमाने ढंग से किसी अधिकारी को नहीं हटाया जा सकता। आरोप साबित होने, केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सलाह के बाद ही यह कठोर कार्रवाई की जाती है।

अभियोजन की मंजूरी: पिछले कुछ वर्षों में, केंद्र सरकार ने 56 भ्रष्ट आईएएस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने (Prosecution) की मंजूरी भी दी है।

ये भी पढ़े

राजस्थान में राजधानी एक्सप्रेस के AC कोच में भीषण आग, यात्रियों में मचा हड़कंप

कुल स्वीकृत मामले: एक आरटीआई (RTI) के जवाब के अनुसार, पिछले वर्षों में केंद्रीय एजेंसी (DoPT) ने कुल 56 आईएएस अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन (prosecution) की मंजूरी दी थी।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

हालिया मामले (हरियाणा): हाल ही में, ₹590 करोड़ के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले में हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों राम कुमार सिंह और प्रदीप कुमार को राज्य सरकार द्वारा निलंबित किया गया है। इनके और अन्य अधिकारियों की कथित भूमिका की जांच के लिए सीबीआई (CBI) ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की अनुमति मांगी है।
जानकारी के अनुसार, आर के श्रीवास्तव और विनोद कुमार जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अधिकतम मामलों में मुकदमा चलाने की स्वीकृति दी गई थी। इसके अलावा के एस क्रोफा, के एस सामरिया और संजीव कुमार जैसे IAS अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं।

ये भी पढ़े

LPG Price Today : घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के नए रेट जारी, जानिए आपके शहर में कितनी है कीमत


Untitled 4 copy
Business homeslider National

LPG Price Today : घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के नए रेट जारी, जानिए आपके शहर में कितनी है कीमत

नई दिल्ली। देशभर में रविवार को LPG सिलेंडर की नई कीमतें जारी कर दी गई हैं। राहत की बात यह है कि घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में इस बार भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं कॉमर्शियल LPG  सिलेंडर की कीमतें भी स्थिर रखी गई हैं। हालांकि कई शहरों में पहले से ही […]

Read More
Untitled 3 copy
Crime News homeslider National Rajasthan

राजस्थान में राजधानी एक्सप्रेस के AC कोच में भीषण आग, यात्रियों में मचा हड़कंप

नई दिल्ली। राजस्थान में रविवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। तिरुवनंतपुरम से हजरत निजामुद्दीन जा रही राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में अचानक आग लग गई, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में कोच धुएं और लपटों से घिर गया। हालांकि राहत की […]

Read More
CNG
Business Delhi homeslider

दिल्ली-NCR में फिर महंगी हुई CNG, दो दिन में दूसरी बार बढ़े दाम… जानिए नई कीमतें

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली-एनसीआर में आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। राजधानी दिल्ली समेत नोएडा और गाजियाबाद में CNG की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। बीते दो दिनों में दूसरी बार दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे वाहन चालकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। ताजा बढ़ोतरी […]

Read More