- घर के भीतर खून से लथपथ लाश, इलाके में फैली सनसनी
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। सूबे में बेखौफ बदमाशों का आतंक थम नहीं रहा है। प्रयागराज जिले के लालापुर थाना क्षेत्र में सीबीसीआईडी से सेवानिवृत्त हुए दरोगा की सिर कूंचकर निर्मम हत्या कर दी गई। घर में उनकी खून से लथपथ लाश मिलने से हड़कंप मच गया।
माथे पर किसी भारी वस्तु से वार किए जाने के कई निशान थे। पुलिस मुकदमा दर्ज दर्ज कर कातिलों की तलाश में जुट गई है।
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जानकारी के मुताबिक सीबीसीआईडी से सेवानिवृत्त हुए 68 वर्षीय दरोगा राम रतन मिश्रा मूल रूप से लालापुर के चकसूशेर गांव के रहने वाले थे। उनका एक मकान मदुरी गांव में भी था, जहां वह अकेले रहते थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य चकसूशेर गांव में रहते हैं। सोमवार सुबह 9 बजे के करीब रिटायर दरोगा की पोती यशी पहुंची थी। उसने आवाज दी, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद फोन लगाया लेकिन उनका मोबाइल नंबर बंद था। फिर उसने अपने भाई प्रवीण को बुलाया जो पीछे की ओर से दीवार फांदकर घर में पहुंचा। देखा दादा राम रतन मिश्रा फर्श पर खून से लथपथ पड़े थे। उनके सिर पर किसी भारी चीज से करीब 5 से अधिक वार किए गए थे, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्याकांड से घर में मचा हाहाकार
डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया कि मौके पर फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया है। अब तक की जांच में घर में किसी फोर्स एंट्री की बात सामने नहीं आई है। परिवार वालों से पूछताछ की जा रही है। डीवीआर कब्जे में ले लिया गया है, मौके पर सीसीटीवी कैमरे क्षतिग्रस्त हाल में मिले हैं। रिटायर्ड दारोगा के दो बेटे हैं विजय और संजय मिश्रा। दोनों मुंबई में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं, उनकी पत्नियां गांव में पुराने मकान में रहती हैं। जबकि दरोगा मदुरी स्थित नए मकान में रहते थे।
लूट के बाद या फिर रंजिश में वारदात होने की आशंका
पुलिस मामले में कयास लगा रही है कि रिटायर्ड दरोगा की हत्या लूट या पुरानी रंजिश में की गई है। पुलिस दोनों पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है। घटनास्थल पर पुलिस को सारा सामान बिखरा पड़ा मिला था और डीवीआर गायब थे।
