- शादीशुदा प्रेमिका और कैशियर पति 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में इंजीनियर अभिषेक श्रीवास्तव की आत्महत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच के बाद शादीशुदा महिला सोनल सिंह और उसके पति अजीत को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। कोर्ट से जेल जाते समय दोनों के चेहरे पर किसी तरह का पछतावा नजर नहीं आया, बल्कि पति अजीत हंसता हुआ दिखाई दिया, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील बन गया है।
पुलिस के अनुसार, नगर कोतवाली में पूछताछ के दौरान भी पति-पत्नी का रवैया बेहद असंवेदनशील रहा। दोनों लगातार हंसते रहे और पुलिस द्वारा फटकार लगाए जाने के बावजूद उनके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। पूछताछ के दौरान दोनों ने कहा कि “किसी के मरने से हमें क्या फर्क पड़ता है।”
प्यार, पैसों और फर्जी मुकदमे का जाल
जांच में सामने आया है कि JSW पेंट कंपनी में कार्यरत इंजीनियर अभिषेक श्रीवास्तव वर्क फ्रॉम होम कर रहे थे। इसी दौरान उनकी पहचान पड़ोस में रहने वाली शादीशुदा महिला सोनल से हुई। जनवरी 2025 में शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। इस दौरान सोनल ने अभिषेक से करीब 7 लाख रुपये ऐंठ लिए, जिसमें ऑनलाइन शॉपिंग और नकद रकम शामिल थी।
जब अभिषेक को पूरे रिश्ते में धोखे का एहसास हुआ तो उसने दूरी बनानी शुरू कर दी। इसी बात से नाराज होकर सोनल और उसके पति अजीत ने कथित रूप से ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, महिला ने अभिषेक पर अश्लील फोटो खींचने और ब्लैकमेल करने का झूठा आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया, जिसके बाद अभिषेक को जेल भेज दिया गया।
जेल से छूटने के बाद बढ़ा दबाव
जेल से रिहा होने के बाद भी अभिषेक की परेशानियां कम नहीं हुईं। आरोप है कि सोनल और अजीत ने मुकदमा खत्म कराने के बदले 10 लाख रुपये की मांग की और भविष्य में भी पैसे देने की शर्त रखी। यह मानसिक दबाव अभिषेक सहन नहीं कर सका।
17 दिसंबर की शाम अभिषेक ने अपने कमरे में व्हाट्सऐप चैट, वीडियो कॉल और पैसों के लेन-देन से जुड़े 35 प्रिंटआउट दीवारों पर लगाए और फिर फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में उसने साफ लिखा कि वह लगातार ब्लैकमेलिंग और धमकियों से परेशान था।
