महाशिवरात्रि पर क्यों नहीं तोड़ा जाता बेलपत्र? जानिए बिल्वपत्र से जुड़े नियम और पूजा का महत्व

Untitled 5 copy 15

नया लुक डेस्क

फाल्गुन माह भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसी माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं। शिवलिंग पर जलाभिषेक के साथ बेलपत्र अर्पित करने का विशेष महत्व है, लेकिन शास्त्रों और पुराणों में बेलपत्र तोड़ने को लेकर कुछ महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना आवश्यक माना जाता है।

पूजा में बेलपत्र का विशेष महत्व

भगवान शिव को प्रिय वस्तुओं में बेलपत्र का स्थान सबसे प्रमुख माना गया है। इसे बिल्वपत्र भी कहा जाता है। शिव पूजा में बेलपत्र के साथ भांग, धतूरा और सफेद पुष्प अर्पित करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार बेलपत्र की तीन पत्तियां ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक मानी जाती हैं। महाशिवरात्रि पर बेलपत्र चढ़ाने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

ये भी पढ़े

महाशिवरात्रि व्रत आज: जानिए शुभ तिथि व पूजा विधि, सामग्री और इस पर्व का धार्मिक महत्व

महाशिवरात्रि के दिन क्यों नहीं तोड़ते बेलपत्र

शास्त्रों के अनुसार सोमवार और चतुर्दशी तिथि को बेलपत्र तोड़ना वर्जित माना गया है। चूंकि महाशिवरात्रि चतुर्दशी तिथि को ही पड़ती है, इसलिए इस दिन बेलपत्र तोड़ना उचित नहीं माना जाता। पूजा के लिए आवश्यक बेलपत्र एक दिन पहले ही तोड़कर सुरक्षित रख लेने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि नियमों का उल्लंघन करने से भगवान शिव अप्रसन्न हो सकते हैं।

सोमवार को भी बेलपत्र तोड़ने की मनाही

सोमवार भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित दिन माना जाता है, लेकिन इसी दिन बेलपत्र तोड़ना निषिद्ध बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि सोमवार के दिन बेलपत्र में माता पार्वती का वास होता है, इसलिए इस दिन पत्ते तोड़ना अनादर माना जाता है।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

रविवार और द्वादशी तिथि का नियम

स्कंद पुराण के अनुसार रविवार और दोनों पक्षों की द्वादशी तिथि को भी बेलपत्र तोड़ना वर्जित है। हालांकि इन दिनों बेल वृक्ष की पूजा करना शुभ माना गया है। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि और धन की वृद्धि होती है।

इन तिथियों पर भी रखें विशेष सावधानी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी, अमावस्या और संक्रांति तिथियों में बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए। इसके अलावा तिथि परिवर्तन के संधिकाल में भी बेलपत्र तोड़ना अशुभ माना गया है। प्रदोष व्रत, शिवरात्रि और सोमवार के दिन भी इससे बचने की सलाह दी जाती है।

बेलपत्र तोड़ते समय रखें इन बातों का ध्यान

  • बेलपत्र कभी भी पूरी टहनी के साथ न तोड़ें, केवल पत्ते ही लें।
  • पत्ते तोड़ने से पहले भगवान शिव का स्मरण करें।
  • बेलपत्र लेने के बाद वृक्ष को प्रणाम अवश्य करें।

शिवजी को कम से कम एक बेलपत्र अर्पित किया जा सकता है, जबकि 11 या 21 की संख्या शुभ मानी जाती है।

ये भी पढ़े

ससुराल में रानी बनकर रहती हैं इस मूलांक की लड़कियां, मिलता है भगवान शिव जैसा जीवनसाथी

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

 शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करते समय याद रखें ये नियम

  • हमेशा तीन पत्तियों वाला बेलपत्र ही चढ़ाएं, पांच पत्तियों वाला मिलना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • कटे-फटे या दागदार पत्तों का उपयोग न करें।
  • बेलपत्र को अर्पित करने से पहले अच्छी तरह धो लें।
  • सूखे या मुरझाए पत्ते पूजा में इस्तेमाल न करें।
  • बेलपत्र पर चंदन से ‘ॐ’ या ‘श्रीराम’ लिखकर अर्पित करना शुभ माना जाता है।
  • बेलपत्र का चिकना भाग शिवलिंग की ओर रखें और चढ़ाते समय “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।

धार्मिक मान्यता है कि विधि-विधान और श्रद्धा के साथ अर्पित किया गया बेलपत्र भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न करता है और भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाता है।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Spread the love

Ayodhya Ram Mandir CEO
homeslider Uttar Pradesh

राम मंदिर का सीईओ बनने के लिए मची होड़

पूर्व IPS समेत 1000 से ज्यादा के आवेदन मिले, इनमें रिटायर्ड नौकरशाह और सैन्य अफसर भी Ayodhya Ram Mandir CEO : अयोध्या के राम मंदिर का पहला सीईओ बनने के लिए होड़ सी दिख रही है। तीन सदस्यीय समिति की ओर से आवेदन के लिए जारी ई-मेल आईडी पर मंगलवार देर रात तक एक हजार […]

Spread the love
Read More
homeslider International

अमेरिका ने सात घंटे बरसाये ईरान पर बम

बदले में तेहरान का बहरीन, कुवैत, जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर अटैक Iran US Conflict : अमेरिका ने मंगलवार रात लगातार चौथे दिन ईरान पर हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM के मुताबिक, करीब सात घंटे तक चले ऑपरेशन में होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों, नौसैनिक संसाधनों और कोस्टल डिफेंस […]

Spread the love
Read More
homeslider National

और अब जज की कुर्सी पर भी काला जादू

कर्नाटक की घटना, 65 साल की महिला गिरफ्तार Chikkaballapur Court : जज की कुर्सी पर काला जादू, सुनने में बड़ा अटपटा लगता है, यकीन भी नहीं होता लेकिन कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर में 65 साल की महिला मंजुला पर ऐसा ही आरोप है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि महिला एक लंबित पारिवारिक […]

Spread the love
Read More