- बौखलाई युवती ने पेट्रोल पंप की महिला कर्मचारी को पीटा, CCTV में मामला कैद
- गोरखपुर की घटना, वीडियो वायरल होने के बाद लोग चटखारे लेकर कर रहे गुणगान
गोरखपुर । अब तक आपने गोरखपुर को योगी आदित्यनाथ ने कारण सुना होगा। इसके पहले माफिया डॉन श्रीप्रकाश शुक्ल के फोन मात्र से देश के किसी भी कोने में बसे शख्स की पतलून गीली हो जाती थी। उसके पहले हरिशंकर तिवारी और तिवारी हाता के कारण गोरखपुर का नाम देश भर में मशहूर था। लेकिन कुछ दिनों पहले एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक युवती केवल हेलमेट न पहनने के कारण पेट्रोल न मिलने से इतना नाराज हुई कि एक महिला कर्मी को दे दनादन दे दनादन घायल कर डाला। युवती को वीडियो सीसीटीवी में दर्ज हुआ, जो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में शुक्रवार को पेट्रोल पंप पर उस समय हंगामा हो गया जब एक युवती बिना हेलमेट पेट्रोल भरवाने पहुंची। महिला कर्मचारी ने ‘नो हेलमेट नो पेट्रोल’ नियम का हवाला देते हुए पेट्रोल देने से मना कर दिया। इसी बात पर युवती भड़क गई और उसने महिला कर्मचारी से गाली-गलौज शुरू कर दी। मामला इतना बढ़ा कि देखते ही देखते दोनों के बीच जमकर हाथापाई हो गई और वहां मौजूद लोग तमाशा देखते रह गए।
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CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के आजाद चौक स्थित इंडियन ऑयल के जेके फ्यूल स्टेशन पर हुई इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि सफेद टी-शर्ट पहने एक युवती स्कूटी से पेट्रोल भरवाने पहुंची। हेलमेट न होने पर सेल्स गर्ल नीशू राजभर ने उसे पेट्रोल देने से मना कर दिया। इस पर युवती ने पहले गाली दी, फिर महिला कर्मचारी पर हमला कर दिया। दोनों के बीच बाल खींचने और लात-घूंसों से मारपीट होती रही। पीड़ित महिला कर्मचारी नीशू राजभर ने थाने में तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि युवती की पहचान की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की तलाश की जा रही है।
‘नो हेलमेट नो पेट्रोल’ अभियान का असर
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 सितंबर से पूरे प्रदेश में ‘नो हेलमेट नो पेट्रोल’ अभियान लागू किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद लोगों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और हेलमेट पहनने की अपील की थी। इसके बाद सभी पेट्रोल पंपों को निर्देश दिया गया है कि बिना हेलमेट किसी भी वाहन चालक को पेट्रोल न दिया जाए। घटना के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। भीड़ ने दोनों को अलग करने की कोशिश की लेकिन युवती लगातार महिला कर्मचारी पर हमला करती रही। आखिरकार पंप पर मौजूद अन्य कर्मचारियों और लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया।
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कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर कानून व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर बहस छेड़ दी है। सवाल यह उठ रहा है कि जब सरकार की ओर से अभियान चलाया जा रहा है, तो आम लोग इस नियम को तोड़ने पर इतने आक्रामक क्यों हो रहे हैं। घटना का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई लोग सरकार के अभियान का समर्थन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि हेलमेट लगाना हर किसी की सुरक्षा के लिए जरूरी है। वहीं कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि कानून लागू कराने का जिम्मा कर्मचारियों पर डालने से इस तरह की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
सड़क सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख
उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए यह अभियान बेहद जरूरी है। राज्य में हर साल हजारों लोग बिना हेलमेट सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं। यही वजह है कि सरकार ने पेट्रोल पंपों को इस अभियान का हिस्सा बनाया है। फिलहाल पुलिस ने FIR दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी युवती की पहचान कर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। वहीं पेट्रोल पंप कर्मचारी भी डरे हुए हैं और प्रशासन से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
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सड़क सुरक्षा पर सबक
यह घटना सड़क सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा सबक है। हेलमेट केवल कानून के डर से नहीं बल्कि अपनी जिंदगी बचाने के लिए पहनना जरूरी है। सरकार का यह कदम सड़क हादसों को कम करने की दिशा में अहम हो सकता है, लेकिन इसके लिए लोगों को भी अपनी सोच बदलनी होगी।
