- आप भी देखें किस प्रदेश में कौन है बढ़िया DM यानी कलेक्टर
- यूपी में दो प्रमोटी अफसरों के साथ 75 में आठ जिले के DM अव्वल
भारत सिंह
लखनऊ। भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था में जिलाधिकारी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। वे ऐसे अधिकारी होते हैं, जिनके पास आम लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने की क्षमता होती है। विकास कार्यों में कई संस्थाएं और व्यक्ति योगदान देते हैं, लेकिन सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू कर उनका लाभ जनता तक पहुंचाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जिलाधिकारी पर ही होती है।
देश और राज्य सरकारों द्वारा बनाई गई विकास योजनाओं और नीतियों को जमीन पर उतारने में जिला प्रशासन की अहम भूमिका होती है। इस पूरी व्यवस्था में जिलाधिकारी केवल प्रशासन संभालने वाले अधिकारी नहीं होते, बल्कि वे कुशल प्रबंधन, बेहतर योजना और संवेदनशील नेतृत्व का उदाहरण भी पेश करते हैं। एक सक्षम और लोकप्रिय जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और कोई भी व्यक्ति इससे वंचित न रहे। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए फेम इंडिया ने अपने विशेष अंक “सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026” के जरिए देश के उन जिलाधिकारियों के कार्यों और उपलब्धियों को सामने लाने का प्रयास किया है, जिन्होंने अपने कार्यकाल में बेहतरीन प्रशासन, नवाचार और जनसेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। एक जिम्मेदार और सकारात्मक मीडिया संस्थान के रूप में फेम इंडिया की यह पहल उन डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट्स और डिप्टी कमिश्नर्स को सम्मान और पहचान देने के उद्देश्य से की गई है, जो देश निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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भारत के लगभग 800 जिलों में कार्यरत अधिकारियों में से सर्वश्रेष्ठ का चयन करने के लिए फेम इंडिया ने एशिया पोस्ट के साथ मिलकर व्यापक सर्वेक्षण किया है। इसमें विशेषज्ञों की राय, ग्राउंड रिपोर्ट्स और मीडिया विश्लेषण के आधार पर उन लोकप्रिय जिलाधिकारियों का चयन किया गया है, जिन्होंने अपने कार्यों से विशेष पहचान बनाई है। फेम इंडिया और एशिया पोस्ट द्वारा किया जा रहा यह सर्वे 10 प्रमुख मानदंडों पर आधारित है, जिनमें शामिल हैं- उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता, प्रभावी गवर्नेंस, दूरदर्शिता और नवाचार, जवाबदेह कार्यशैली, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, संकट प्रबंधन कौशल, संवेदनशीलता और गंभीरता, व्यवहार कुशलता, जनसंपर्क और संवाद क्षमता और विकासोन्मुख सोच। प्रारंभिक परिणाम में लगभग 100 अधिकारियों को चुना गया है।
आंध्र प्रदेशः ए. तमीम अंसारिया (गुंटूर), जी. लक्ष्मीश (एनटीआर जिला), डीके बालाजी (कृष्णा)
असमः अनामिका तिवारी (मोरीगांव), बिक्रम कैरी (डिब्रूगढ़), सुमित सत्तावन (तिनसुकिया), स्वप्निल पॉल (कामरूप मेट्रोपॉलिटन)
उत्तर प्रदेशः अंजनी कुमार सिंह (मैनपुरी), अस्मिता लाल (बागपत), अविनाश सिंह (बरेली), राजेंद्र पेंसिया (संभल), रविन्द्र कुमार (आजमगढ़), विजय कुमार सिंह (मेरठ), विशाख जी अय्यर (लखनऊ) और सत्येंद्र कुमार (वाराणसी)।
उत्तराखंडः नितिन सिंह भदौरिया (ऊधम सिंह नगर), प्रशांत आर्य (उत्तरकाशी), मयूर दीक्षित (हरिद्वार), ललित मोहन रयाल (नैनीताल) और विशाल मिश्रा (रुद्रप्रयाग)।
ओडिशाः अमृत रुतुराज (खोरधा), दत्तात्रेय भाऊसाहेब शिंदे (कटक), वी. कीर्ति वासन (गंजाम) और सुभंकर मोहापात्र (सुंदरगढ़)।
कर्नाटकः जगदीश जी (बेंगलुरु अर्बन), दर्शन एच वी (दक्षिण कन्नड़) और स्वरूपा टीके (उडुपी)
केरलः अनु कुमारी (तिरुवनंतपुरम), जी. प्रियंका (कोच्चि) और प्रेम कृष्णन एस (पथानमथिट्टा)
छत्तीसगढ़ः गौरव कुमार सिंह (रायपुर), दिव्या उमेश मिश्रा (बालोद) और संबित मिश्रा (बीजापुर)।
झारखंडः आदित्य रंजन (धनबाद), दिनेश कुमार यादव (गढ़वा), मंजूनाथ भजन्त्री (रांची), रवि आनंद (जामताड़ा), आर. रोनिता (खूंटी) और हेमंत सती (साहिबगंज)।
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तमिलनाडुः डी. स्नेहा (कांचीपुरम), पवनकुमार जी गिरियप्पनवार (कोयंबटूर) और रश्मि सिद्धार्थ जागड़े (चेन्नई)।
तेलंगानाः मिक्किलिनेनी मनु चौधरी (मेदचल-मल्काजगिरी), हरिचंदना दासरी (हैदराबाद) और सी. नारायण रेड्डी (रंगारेड्डी)
त्रिपुराः चांदनी चंद्रन (नॉर्थ त्रिपुरा), रिंकू लाथर (गोमती) और विशाल कुमार (वेस्ट त्रिपुरा)
प. बंगालः पी. दीपप प्रिया (हावड़ा), पोन्नामबलम एस (पश्चिम बर्धमान), हरिशंकर पैनिकर (दार्जिलिंग) और शिल्पा गौरसिरिया (उत्तर 24 परगना)
पंजाबः आशिका जैन (होशियारपुर), कोमल मित्तल (मोहाली), दीपशिखा शर्मा (फिरोजपुर) और हिमांशु अग्रवाल (जालंधर)।
बिहारः आनंद शर्मा (मधुबनी), उदिता सिंह (रोहतास), दीपेश कुमार (सहरसा), डॉ. थियागराजन एस.एम. (पटना), वैभव श्रीवास्तव (सारण), विवेक रंजन मैत्रेय (सीवान), शशांक शुभंकर (गया) और सुब्रत कुमार सेन (मुजफ्फरपुर)।
मणिपुरः धरुन कुमार एस (चुराचंदपुर), मयांग्लाम्बम राजकुमार (इम्फाल वेस्ट)।
मध्य प्रदेशः कौशलेंद्र विक्रम सिंह (भोपाल), रजनी सिंह (नरसिंहपुर), राघवेंद्र सिंह (जबलपुर), सतीश कुमार एस (सतना) और शिवम वर्मा (इंदौर)।
महाराष्ट्रः अमोल जगन्नाथ येडगे (कोल्हापुर), आयुष प्रसाद (नासिक), जितेंद्र डूडी (पुणे), किशन नारायणराव जावले (रायगढ़) और सौरभ कटियार (मुंबई उपनगरीय)
मेघालयः अभिनव कुमार सिंह (वेस्ट जयंतिया), विभोर अग्रवाल (वेस्ट गारो हिल्स) और रोसेटा मैरी कुर्बाह (ईस्ट खासी हिल्स)।
राजस्थानः अंकित (डूंगरपुर), अलोक रंजन (चित्तौड़गढ़), अरुण गर्ग (झुंझुनूं), जितेंद्र कुमार सोनी (जयपुर), टीना डाबी (बाड़मेर) और मुकुल शर्मा (सीकर)।
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हरियाणाः अजय कुमार (गुरुग्राम), आयुष सिन्हा (फरीदाबाद), नेहा सिंह (सोनीपत) और सतपाल शर्मा (पंचकुला)
हिमाचल प्रदेशः अनुपम कश्यप (शिमला), अपूर्व देवगन (मंडी), गंधर्वा राठौड़ (हमीरपुर), मनमोहन शर्मा (सोलन) और हेमराज बैरवा (कांगड़ा)
AGMUT कैडरः अंकित यादव (नॉर्थ गोआ), लक्ष्य सिंघल (दक्षिण दिल्ली), मेकला चैतन्य प्रसाद (दक्षिण-पश्चिम दिल्ली), विशाखा यादव (कुरुंग कुमे, अरुणाचल), सलोनी राय (उधमपुर/ उत्तरी दिल्ली) और सनी कुमार सिंह (नई दिल्ली)।
(लेखक मान्यता प्राप्त समिति के सचिव हैं)
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